यूपी में डेयरी किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर: पशु खरीद पर 50% सब्सिडी
वाराणसी में 'रंगीलो काशी' उत्सव में बोले पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिंह: डेयरी किसानों की आय बढ़ाने को पशु खरीद पर 50% सब्सिडी और आधुनिक तकनीक दे रही सरकार।
लखनऊ/वाराणसी : उत्तर प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसके लिए पशु खरीद पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी, गुणवत्तापूर्ण सीमेन और निःशुल्क टीकाकरण जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सरकार का मुख्य ध्यान कम लागत में अधिक दूध उत्पादन और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से डेयरी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने पर है।
कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह वाराणसी स्थित बीएचयू के हैलीपैड मैदान में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) और उसकी सहायक संस्था एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज (NDS) द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ग्रामीण उत्सव ‘रंगीलो काशी’ के भव्य उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे।
कार्यक्रम के दौरान एनडीडीबी एवं एनडीडीबी डेयरी सर्विसेज के चेयरमैन डॉ. मीनेश शाह ने बताया कि 'रंगीलो काशी' आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत डेयरी तकनीकों, नई जानकारियों और नए अवसरों से जोड़ना है। उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर दूध उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
देश के कुल दूध उत्पादन में यूपी की 16% हिस्सेदारी: एनडीडीबी के निदेशक दुर्गा प्रसाद मिश्र ने कार्यक्रम में आंकड़े साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक राज्य है, जिसकी राष्ट्रीय दुग्ध उत्पादन में लगभग 16 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।
हर जिले में सहकारिता और 'लखपति दीदी' बनाने पर लक्ष्य: डेयरी विकास आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक जिले में डेयरी सहकारी समितियों का गठन करना और ब्लॉक स्तर तक 'राष्ट्रीय गोकुल मिशन' के लाभ पहुंचाना है। इसके साथ ही ग्रामीण महिला डेयरी किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए 'लखपति दीदी' योजना से जोड़ने की दिशा में तेज़ी से कार्य चल रहा है।
'नंदी शो' रहा मुख्य आकर्षण: उद्घाटन समारोह के दौरान आयोजित किया गया ‘नंदी शो’ लोगों और किसानों के आकर्षण का केंद्र बना। इसमें साहीवाल, थारपारकर, भदावरी और गिर जैसी उन्नत एवं देसी नस्लों के सांडों की प्रदर्शनी लगाई गई। इस अवसर पर मेधावी छात्र-छात्राओं और डेयरी विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया।
(रिपोर्ट: आर.एल.पाण्डेय)
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