सीओ जियाउल हक हत्याकांड: सीबीआई कोर्ट ने खारिज की पुनर्विवेचना रिपोर्ट, राजा भैया और गुलशन यादव को मिली बड़ी राहत
सीओ जियाउल हक हत्याकांड: सीबीआई कोर्ट ने पुनर्विवेचना रिपोर्ट को किया खारिज, राजा भैया और गुलशन यादव समेत चार सहयोगियों को मिली बड़ी राहत।
कुंडा/प्रतापगढ़। बहुचर्चित सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले में लखनऊ स्थित विशेष सीबीआई अदालत से जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कुंडा विधायक कुंवर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ 'राजा भैया' और उनके सहयोगियों को बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है। सीबीआई कोर्ट (विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह) ने सीबीआई की पुनर्विवेचना रिपोर्ट को पर्याप्त कारण न होने का हवाला देते हुए खारिज कर दिया और आगे की कार्रवाई समाप्त करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले से राजा भैया, उनके पूर्व सहयोगी व सपा नेता गुलशन यादव, प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, ड्राइवर रोहित सिंह और गुड्डू सिंह को पूरी तरह राहत मिल गई है।
2 मार्च 2013 की घटनाक्रम का ब्योरा:
2 मार्च 2013 को हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर गांव निवासी तत्कालीन ग्राम प्रधान नन्हें यादव की शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्कालीन सीओ कुंडा जियाउल हक दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां उग्र भीड़ और असामाजिक तत्वों ने सीओ जियाउल हक तथा नन्हें यादव के छोटे भाई सुरेश यादव की भी निर्मम हत्या कर दी थी।
मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज हुई थीं। तत्कालीन हथिगवां थानाध्यक्ष की तहरीर पर नन्हें यादव के परिजनों व समर्थकों के खिलाफ, जबकि सीओ की पत्नी परवीन आजाद की तहरीर पर तत्कालीन मंत्री राजा भैया व उनके सहयोगियों को आरोपी बनाया गया था।
सीबीआई जांच और कानूनी लड़ाई:
उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने गहन जांच के बाद राजा भैया और उनके समर्थकों को पूरी तरह निर्दोष पाते हुए कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, वादी मुकदमा परवीन आजाद ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जिसके आदेश पर सीबीआई ने अक्टूबर 2023 में पुनर्विवेचना शुरू की।
दिसंबर 2023 में सीबीआई ने पुनः अपनी जांच में राजा भैया को निर्दोष पाया और क्लोजर रिपोर्ट पेश की, जिसे अब सीबीआई अदालत ने स्वीकार करते हुए मामले में राजा भैया और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी।
गौरतलब है कि इससे पूर्व सीबीआई जांच के आधार पर मृतक नन्हें यादव के परिजनों समेत 10 लोगों को हत्या का दोषी पाया गया था, जिन्हें 9 अक्टूबर 2024 को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। सीबीआई कोर्ट के इस अंतिम फैसले के बाद राजा भैया और गुलशन यादव के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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