उच्च शिक्षा और शिक्षकों की समस्याओं को लेकर फुपुक्टा की बैठक: प्रयागराज में आंदोलन का ऐलान
प्रयागराज में आयोजित फुपुक्टा की बैठक में उच्च शिक्षा की समस्याओं को लेकर सरकार के प्रति रोष जताया गया। शिक्षकों ने नवंबर में काले फीते बांधकर प्रदर्शन करने और ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है।
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ (फुपुक्टा) की महत्वपूर्ण कार्यसमिति की बैठक प्रो. राजेन्द्र प्रसाद (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय परिसर, प्रयागराज में संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश भर के लगभग 17 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने उच्च शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न लंबित समस्याओं पर गहन मंथन किया। बैठक के दौरान समस्याओं का समाधान न होने पर गंभीर चिंता और गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने एक स्वर में प्रदेश सरकार की कथित उदासीनता और संवेदनहीनता की कड़ी निंदा की। व्यापक चर्चा के बाद सर्वसम्मति से यह कड़ा निर्णय लिया गया कि सरकार की उपेक्षा के खिलाफ अब शिक्षक संगठन सड़क से लेकर शासन स्तर तक आंदोलन का मार्ग अपनाएंगे।
आंदोलन की रूपरेखा:
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2, 3 और 4 नवंबर 2026: प्रदेश के सभी 331 अनुदानित महाविद्यालयों के शिक्षक अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करेंगे और अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर शासन का ध्यान आकर्षित करेंगे।
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5 नवंबर 2026: प्रदेश के सभी महाविद्यालयों के शिक्षक एकजुट होकर अपने-अपने जिलों के जिलाधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे।
संगठन के नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इन विरोध प्रदर्शनों के बावजूद सरकार ने कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो अतिशीघ्र आंदोलन के अगले और अधिक उग्र चरणों की घोषणा कर दी जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि संगठन हमेशा संवाद और सौहार्दपूर्ण चर्चा का पक्षधर रहा है, परंतु विडंबना यह है कि सरकार शिक्षक संगठनों की लगातार उपेक्षा कर उन्हें कमजोर करने की कुचेष्टा कर रही है, जिसे शिक्षक समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा।
प्रमुख उपस्थिति: बैठक की अध्यक्षता प्रो. वीरेंद्र सिंह चौहान ने की तथा संचालन प्रो. प्रदीप सिंह द्वारा किया गया। इस दौरान कूटा अध्यक्ष प्रो. वी.डी. पांडेय, प्रो. अवधेश सिंह, सुआक्टा अध्यक्ष डॉ. शशिकांत राव, डॉ. अर्चना दीक्षित, डॉ. विजय सिंह, डॉ. शैलेन्द्र सिंह, डॉ. अमित राय, प्रासुआक्टा अध्यक्ष प्रो. पी.के. पचौरी, डॉ. विपिन कुमार सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के अध्यक्ष, महामंत्री और फुपुक्टा के तमाम प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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