कानपुर की युवा लेखिका आकृति दुबे की पुस्तक ‘रावणमानस’ का भव्य विमोचन
कानपुर की प्रतिभाशाली लेखिका आकृति दुबे की नई पुस्तक 'रावणमानस' का विमोचन हुआ। यह पुस्तक रावण के अंतर्द्वंद्व और मानवीय प्रवृत्तियों पर आधारित लघुकथाओं के माध्यम से आत्ममंथन का संदेश देती है।
कानपुर। साहित्य जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहीं शहर की युवा एवं प्रतिभाशाली लेखिका आकृति दुबे की द्वितीय पुस्तक ‘रावणमानस’ का औपचारिक विमोचन ‘किरा डेकोर’ के प्रथम शोरूम के भव्य उद्घाटन अवसर पर संपन्न हुआ। हस्तनिर्मित और अत्याधुनिक सजावटी घरेलू उत्पादों (होम डेकोर) के लिए प्रसिद्ध 'किरा डेकोर' के इस विशेष आयोजन में यह पुस्तक साहित्यप्रेमियों और आगंतुकों के बीच आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रही।
उल्लेखनीय है कि लेखिका की पहली पुस्तक ‘एक शुरुआत प्यार से’ को पाठकों और समीक्षकों का भरपूर प्यार व सराहना मिली थी। उसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए उनकी नई कृति ‘रावणमानस’ पाठकों के समक्ष आई है। इस पुस्तक में लंकापति रावण के जटिल व्यक्तित्व, उसके भीतर के गहन अंतर्द्वंद्व, अहंकार और पतन के मूल कारणों को एक सर्वथा नवीन और दार्शनिक दृष्टिकोण से रेखांकित किया गया है।
लेखिका ने पुस्तक में रावण के प्रतीकात्मक दस सिरों को मनुष्य के भीतर छिपे दसों विकारों और विभिन्न प्रवृत्तियों के रूप में परिभाषित किया है। इसमें इस बात पर गहराई से विचार किया गया है कि आधुनिक मनुष्य अपने भीतर की नकारात्मकता को पहचानकर और उस पर विजय प्राप्त करके अपने जीवन की दिशा को कैसे सही मार्ग पर ला सकता है। रोचक लघुकथाओं के माध्यम से समकालीन जीवन की जटिलताओं को बेहद सरल, सहज और प्रभावकारी भाषा में पिरोया गया है।
यह पुस्तक विशेष रूप से युवा पीढ़ी को आत्ममंथन, ज्ञान की साधना, भक्ति मार्ग और अपने कर्मों के परिणामों पर विचार करने के लिए प्रेरित करती है। आयोजकों ने बताया कि यह पुस्तक प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी पाठकों के लिए उपलब्ध करा दी गई है।
(संजय शुक्ला)
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)