'ग्रेट निकोबार बचाओ' आंदोलन से घबराई सरकार, कांग्रेस गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद नजरबंद

प्रयागराज में 'ग्रेट निकोबार बचाओ' अभियान के तहत हस्ताक्षर करा रहे कांग्रेस गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद को पुलिस ने किया नजरबंद

Jun 14, 2026 - 19:33
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'ग्रेट निकोबार बचाओ' आंदोलन से घबराई सरकार, कांग्रेस गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद नजरबंद

प्रयागराज : ग्रेट निकोबार द्वीप समूह के पर्यावरण और आदिवासियों के अस्तित्व को बचाने के लिए कांग्रेस पार्टी (गंगापार) द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी हस्ताक्षर अभियान को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस शांतिपूर्ण अभियान को मिल रहे भारी जनसमर्थन और सफलता से घबराई सरकार ने दमनकारी नीति अपनाते हुए रविवार को कांग्रेस के गंगापार जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद को उनके निजी आवास पर हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया।

कांग्रेस पार्टी ने इस आंदोलन के तहत जिले की विभिन्न तहसीलों, ब्लॉकों और प्रमुख स्थानीय बाजारों में 'ग्रेट निकोबार बचाओ' हस्ताक्षर अभियान का बिगुल फूंका था, जिसमें स्थानीय युवाओं और प्रबुद्ध वर्ग की भारी भागीदारी देखने को मिल रही थी।

नेताओं की नजरबंदी से भड़के कांग्रेसी, दफ्तर पर जमा हुआ हुजूम
जैसे ही जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद को घर के भीतर ही कैद किए जाने की खबर सोशल मीडिया के जरिए आम हुई, कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। देखते ही देखते जिले भर से आक्रोशित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का हुजूम सिकंदरा स्थित मुख्य कांग्रेस कार्यालय पर जुटना शुरू हो गया। कार्यकर्ताओं ने सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

पुलिसिया जुल्म से डरने वाले नहीं कांग्रेस के सिपाही: अशफाक अहमद
सिकंदरा कार्यालय से ही कार्यकर्ताओं को वर्चुअली और मौजूद माध्यमों से संबोधित करते हुए नजरबंद जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद ने सत्ता पक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि:

  • वर्तमान सरकार पूरी तरह से तानाशाही और अलोकतांत्रिक रवैये पर उतर आई है।
  • आम जनता और विपक्ष के मौलिक व संवैधानिक अधिकारों का सरेआम गला घोंटा जा रहा है।

जो भी संगठन या व्यक्ति जल-जंगल-जमीन और जनता के हक की आवाज उठाता है, उसे पुलिस के दम पर प्रताड़ित कर फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है।

अशफाक अहमद ने हुंकार भरते हुए कहा कि कांग्रेस का कोई भी सिपाही सरकार के इस पुलिसिया जुल्म और हथकंडों से पीछे हटने वाला नहीं है। पर्यावरण और देश के भविष्य को बचाने की यह लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक जारी रहेगी, इसके लिए कांग्रेसी जेल भरने को भी तैयार हैं।

"जनता की आवाज को लाठी और नजरबंदी के दम पर दबाया नहीं जा सकता। यह कृत्य पूरी तरह संविधान और लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।"

— अशफाक अहमद, जिला अध्यक्ष (कांग्रेस गंगापार)

इस आपात बैठक और विरोध प्रदर्शन के दौरान पार्टी को एकजुट रखने के लिए कई प्रमुख चेहरे मैदान में उतरे। इस अवसर पर मुख्य रूप से विधानसभा प्रभारी निशा सिंह, विशेष आमंत्रित सदस्य शरद उपाध्याय मुन्ना, डॉ. जगत नारायण सिंह, देवराज उपाध्याय, जिला महासचिव सुनील पाण्डेय, रमेश मौर्या और वॉर रूम प्रभारी सद्दाम हुसैन सिद्दीकी मौजूद रहे।

इसके साथ ही ब्लॉक अध्यक्ष रितेश पासी, डॉ. अमर सिंह पटेल, प्रदीप पाण्डेय, मोहम्मद फारुक, सलीम टाइगर, श्यामजी धुरिया, शिवप्रसाद मौर्या, और महिला विंग से पुष्पा चौधरी, गीता देवी, सितारा देवी, सुनीता देवी सहित सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ डटे रहे।

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