युवाओं को नशे से दूर रखकर ही सशक्त समाज का निर्माण संभव— प्रो. अरविन्द कुमार वर्मा
अम्बेडकरनगर के रमाबाई महिला महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को तनाव प्रबंधन और नशे से बचाव के टिप्स दिए गए।
आनन्दी मेल संवाददाता (अम्बेडकरनगर): विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर रमाबाई राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अकबरपुर (अम्बेडकरनगर) में 'मानसिक स्वास्थ्य एवं नशा मुक्ति जागरूकता कार्यशाला' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्त्व, तनाव प्रबंधन और नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अरविन्द कुमार वर्मा, मुख्य अतिथि मनोरोग चिकित्सक डॉ. जे.के. वर्मा (आशीर्वाद हॉस्पिटल) और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट सुश्री पंजतन द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया।
अध्यक्षीय भाषण में प्राचार्य प्रो. अरविन्द कुमार वर्मा ने कहा कि नशा न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज की प्रगति में भी बाधा डालता है। उन्होंने बल देकर कहा कि युवा पीढ़ी देश की असली शक्ति है और उन्हें नशे से दूर रखकर ही एक सशक्त समाज बनाया जा सकता है।
मुख्य वक्ता डॉ. जे.के. वर्मा ने नशे के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की और छात्राओं को तनाव प्रबंधन के स्वस्थ तरीके अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या से पीड़ित व्यक्तियों के प्रति तिरस्कार के बजाय सहयोग और उचित उपचार का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
विशिष्ट वक्ता सुश्री पंजतन ने मानसिक तनाव दूर करने में योग और प्राणायाम की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया और उपस्थित छात्राओं को व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। वाणिज्य विभाग के प्रो. रमेश कुमार ने उम्र के अनुसार तनाव के बदलते स्वरूप पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ. राघवेंद्र मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अरुण कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
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