बच्चों की थाली में खुद चखा स्वाद: कौशाम्बी में अफसरों ने स्कूलों में मध्यान्ह भोजन कर परखी गुणवत्ता
डीएम डॉ. अमित पाल के निर्देश पर कौशाम्बी में बीएसए और खंड शिक्षाधिकारियों ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों संग भोजन कर स्वाद, स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच की।
कौशाम्बी। परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता परखने के लिए अधिकारी खुद बच्चों की पंगत में बैठे। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल के निर्देश पर जनपद के कई विद्यालयों में अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया और बच्चों के साथ बैठकर भोजन ग्रहण कर उसके स्वाद, स्वच्छता और गुणवत्ता की पड़ताल की।
जिला बेसिक शिक्षाधिकारी कमलेन्दु कुमार कुशवाहा ने प्राथमिक विद्यालय चक नगर पहुंचकर बच्चों के साथ मध्यान्ह भोजन किया। इसी क्रम में मंझनपुर के खंड शिक्षाधिकारी प्रमोद कुमार ने प्राथमिक विद्यालय देवरा प्रथम में भोजन की जांच की। कड़ा के खंड शिक्षाधिकारी नीरज उमराव ने प्राथमिक विद्यालय देवीगंज तथा सरसवां के खंड शिक्षाधिकारी राजीव प्रताप सिंह ने प्राथमिक विद्यालय टिकरा में बच्चों के साथ भोजन कर गुणवत्ता को परखा।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल भोजन का स्वाद ही नहीं चखा, बल्कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन की उपलब्धता, रसोई और परिसर की साफ-सफाई तथा भोजन वितरण की व्यवस्था का भी बारीकी से जायजा लिया। बच्चों से भी भोजन के बारे में पूछा गया।
अधिकारियों ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक और स्वच्छ भोजन ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने साफ कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण से जुड़े इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भोजन तैयार करने और परोसने के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने तथा निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन करने की हिदायत भी दी गई।
अधिकारियों का कहना था कि मध्यान्ह भोजन योजना का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक आहार देकर उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और विद्यालयों में उनकी उपस्थिति बढ़ाना है। इसलिए योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। आगे भी विद्यालयों में इस तरह के निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार बना रहे।
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