भारत-इजरायल रणनीतिक संबंधों में नई ऊर्जा: जयशंकर की यरुशलम यात्रा से आर्थिक और सुरक्षा साझेदारी को मिला बल
विदेश मंत्री जयशंकर की इजरायल यात्रा: पीएम नेतन्याहू से मुलाकात, FTA और आतंकवाद के खिलाफ साझा संकल्प पर केंद्रित विशेष रिपोर्ट।
यरुशलम: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की हालिया इजरायल यात्रा ने दोनों देशों के बीच "रणनीतिक साझेदारी" को एक नए शिखर पर पहुँचा दिया है। यूएई के सफल दौरे के बाद इजरायल पहुंचे जयशंकर ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग और विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कीं।
प्रमुख द्विपक्षीय चर्चाएँ और रणनीतिक सहयोग प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ हुई वार्ता में डॉ. जयशंकर ने पीएम मोदी की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। दोनों नेताओं ने तकनीक, कनेक्टिविटी, सुरक्षा और कौशल विकास जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्रों पर गहन चर्चा की। राष्ट्रपति हर्ज़ोग के साथ बैठक में क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
आतंकवाद पर साझा प्रहार और क्षेत्रीय शांति इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में डॉ. जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया में हनुक्का समारोह के दौरान हुए आतंकी हमले पर गहरी संवेदना व्यक्त की। दोनों देशों ने आतंकवाद की साझा चुनौती से निपटने और गाजा शांति योजना के माध्यम से क्षेत्र में स्थायी शांति बहाली के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
आर्थिक मोर्चे पर बड़ी प्रगति: FTA और निवेश आर्थिक संबंधों को गति देने के लिए डॉ. जयशंकर ने इजरायल के अर्थव्यवस्था मंत्री नीर बरकत से मुलाकात की। इस दौरान भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया। व्यापारिक रिश्तों को तीन स्तरों पर मजबूत करने की रणनीति बनाई गई है:
G2G: सरकार से सरकार के बीच सहयोग।
B2B: निवेश और व्यापारिक नवाचार।
P2P: जनता के बीच सांस्कृतिक और पेशेवर जुड़ाव।
यह यात्रा न केवल रक्षा बल्कि नवाचार और आर्थिक एकीकरण के क्षेत्र में भारत-इजरायल के "स्वर्णिम युग" की ओर इशारा करती है।
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