क्षय रोग से जंग: क्यूब रूट फाउंडेशन ने 150 टीबी मरीजों को दिया पोषाहार
क्यूब रूट फाउंडेशन ने टीबी मरीजों को पोषाहार वितरित किया। यह संस्था का पांचवा वितरण है। 250 मरीजों को गोद लिया गया है।

हापुड़ : 'टीबी मुक्त भारत अभियान' के तहत हापुड़ में क्यूब रूट फाउंडेशन ने एक सराहनीय पहल की है। संस्था ने लगातार पाँचवें महीने भी टीबी मरीजों को पौष्टिक आहार वितरित किया है। इस बार, गढ़ मुक्तेश्वर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक कार्यक्रम का आयोजन कर 150 क्षय रोगियों को "पोषण पोटली" दी गई।
संस्था के रूपेश सिंह ने बताया कि क्यूब रूट फाउंडेशन ने जनपद में कुल 250 टीबी मरीजों को गोद लिया है और पिछले पाँच महीनों से उन्हें नियमित रूप से पोषाहार उपलब्ध करा रही है। आज वितरित की गई पोषण पोटली में सोयाबीन, दाल, गुड़, तिल, गजक, और प्रोटीन पाउडर जैसी सामग्री शामिल थी, जो मरीजों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. राजेश सिंह ने इस पहल की सराहना की और बताया कि क्यूब रूट फाउंडेशन के अलावा रोटरी क्लब, व्यापार संघ, लायन क्लब, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन हापुड़ और मोनाड विश्वविद्यालय जैसी कई अन्य संस्थाएं भी टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी मदद कर रही हैं।
टीबी के लक्षण और बचाव की जानकारी : इस कार्यक्रम के दौरान, जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर सुशील चौधरी ने मरीजों और उनके परिजनों को टीबी के लक्षण, निदान और बचाव के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक खांसी, खांसी में बलगम या खून, भूख न लगना, वजन कम होना, हल्का बुखार या रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई दें तो उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में अपनी जांच करानी चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि टीबी का इलाज अधूरा नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि इससे बीमारी और भी गंभीर हो सकती है। इस अवसर पर संस्था के राकेश राय (मैनेजर, सीएसआर), डॉ. राजेश सिंह, सुशील चौधरी और स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
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