सपा नेता का भतीजा निकला अपनी ही गोलीबारी का मास्टरमाइंड, मुकदमा वापस लेने की रची थी साजिश

हापुड़ पुलिस ने खुलासा किया कि सपा नेता के भतीजे ने खुद पर गोली चलवाकर मुकदमा वापस लेने की साजिश रची थी।

Aug 31, 2025 - 22:23
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सपा नेता का भतीजा निकला अपनी ही गोलीबारी का मास्टरमाइंड, मुकदमा वापस लेने की रची थी साजिश

(संवाददाता / सचिन सिंह)

हापुड़ : हापुड़ में हाल ही में हुई एक गोलीबारी की घटना ने एक चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस ने खुलासा किया है कि जिस व्यक्ति पर हमला हुआ था, वही इस पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड निकला। यह घटना समाजवादी पार्टी (सपा) के एक वरिष्ठ नेता के भतीजे से जुड़ी है, जिसने खुद पर दर्ज एक आपराधिक मुकदमे को वापस लेने के लिए अपने ही साथियों से खुद पर हमला करवाया था।

यह मामला तब सामने आया जब सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व शहर अध्यक्ष याद इलाही कुरैशी ने पुलिस को बताया कि उनके भतीजे मन्साद पर हाफिजपुर थाना क्षेत्र के नवादा अंडरपास के पास गोली चलाई गई थी। कुरैशी के अनुसार, मन्साद अपने एक दोस्त जीतू से मिलने गया था, तभी दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने उस पर हमला कर दिया। इन हमलावरों की पहचान राहिल, गुफरान, सोनू और नवेद के रूप में की गई, जिनसे मन्साद का कपड़े के व्यापार में पैसों का लेनदेन चल रहा था। इस हमले में मन्साद घायल हो गया।

हालांकि, पुलिस की गहन जांच ने इस कहानी के पीछे की सच्चाई को उजागर कर दिया। पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञान्जय सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों, हापुड़ निवासी जमालू और फुरकान को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के बाद यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि घायल मन्साद ने ही अपने साथियों को अपने ऊपर गोली चलाने के लिए उकसाया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल और कारतूस के साथ-साथ दो वाहन भी बरामद किए हैं।

एसपी ने बताया कि यह साजिश एक पुराने मामले से जुड़ी है। दरअसल, मन्साद के खिलाफ 26 मई 2025 को हापुड़ देहात थाना में राहुल नामक व्यक्ति ने पैसों के लेनदेन को लेकर एक एफआईआर दर्ज कराई थी। मन्साद इस एफआईआर को वापस करवाना चाहता था और इसके लिए उसने अपने ऊपर जानलेवा हमला करवाने का नाटकीय षड्यंत्र रचा ताकि राहुल पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया जा सके।

अब, पुलिस ने घायल मन्साद को भी हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उसे अस्पताल से पुलिस हिरासत में स्थानांतरित करने के लिए एक टीम भेजी गई है। इस मामले को सुलझाने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए, पुलिस अधीक्षक ने टीम को 15,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

यह घटना न केवल आपराधिक प्रवृत्ति को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए किस हद तक जा सकते हैं। पुलिस की त्वरित और प्रभावी जांच ने इस जटिल मामले की परतें खोलीं और सच्चाई को सामने लाया।

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