बांसकार समाज के सम्मान और रोजगार पर सरकार का जोर, केशव मौर्य बोले- स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी

लखनऊ में बांसकार समाज के महासम्मेलन में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सामाजिक सम्मान, बांस शिल्प से रोजगार और स्वच्छता को जनआंदोलन बनाने पर जोर दिया।

Sep 30, 2026 - 20:20
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बांसकार समाज के सम्मान और रोजगार पर सरकार का जोर, केशव मौर्य बोले- स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी

लखनऊ। समाज के हर वर्ग को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। यह बात उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को राजधानी के विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित बांसकार समाज (धरकार, बांसफोड़, बसोर) के महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश की डबल इंजन सरकार "सबका साथ, सबका विकास" की भावना से बिना भेदभाव सभी की समस्याओं का समाधान करने के लिए काम कर रही है।

श्री मौर्य ने आयोजकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सभागार के भीतर और बाहर उमड़ी भारी भीड़ बताती है कि समाज अपने अधिकारों और विकास को लेकर जागरूक है। उन्होंने खुद को ग्रामीण परिवेश से जुड़ा बताया और कहा कि बचपन से हर वर्ग के बीच रहने के कारण वे उनकी परेशानियों को करीब से समझते हैं। संघ के स्वयंसेवक के रूप में भी उन्होंने जाति और वर्ग से ऊपर उठकर काम करने की सीख ली।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन वर्गों को भी सम्मान और अवसर मिल रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक उचित स्थान नहीं मिल पाया। उन्होंने प्रयागराज कुंभ-2019 का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर यह संदेश दिया कि कोई अछूत नहीं है और हर श्रम का अपना सम्मान है।

स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसे जनआंदोलन का रूप दिया गया है। स्वच्छता केवल सफाई कर्मचारियों का दायित्व नहीं, बल्कि हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर देशभर में सेवा और स्वच्छता के कार्यक्रम हो रहे हैं।

अपने संघर्षपूर्ण जीवन को याद करते हुए मौर्य ने कहा कि उन्होंने कच्चे घर, छप्पर और पन्नी के सहारे बरसात की टपकती छत के नीचे परिवार का संघर्ष देखा है। यही अनुभव गरीब और वंचितों के जीवन में बदलाव लाने के संकल्प को मजबूत करता है।

उन्होंने बताया कि बांस शिल्प से जुड़े परिवारों की पारंपरिक कला को नई तकनीक, बाजार और रोजगार से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने समाज से हुनर को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप ढालने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, एमएलसी डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, असम राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष बैजनाथ बांसफोड़ और मध्य प्रदेश बांस शिल्प कला बोर्ड के अध्यक्ष घनश्याम पिरोनिया सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।

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