कौशाम्बी: SP सत्यनारायण ने की पाक्षिक समीक्षा गोष्ठी, लंबित मामलों के जल्द निस्तारण और अपराध नियंत्रण पर सख्त निर्देश
कौशाम्बी SP सत्यनारायण ने पुलिस कार्यालय में पाक्षिक समीक्षा गोष्ठी कर लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण, अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा के सख्त निर्देश दिए।
कौशाम्बी : पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी सत्यनारायण ने पुलिस कार्यालय स्थित दुर्गा भाभी सभागार में समस्त शाखाओं के प्रभारियों के साथ पाक्षिक समीक्षा गोष्ठी की। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, लंबित मामलों और आगामी अभियानों की समीक्षा की गई।
गोष्ठी की शुरुआत में विभिन्न शाखाओं द्वारा पिछले 15 दिनों में किए गए कार्यों का प्रस्तुतिकरण हुआ। पुलिस अधीक्षक ने एक-एक कर अपराध, विवेचना, महिला सुरक्षा, शिकायत निस्तारण और कार्यालय अभिलेखों से जुड़ी प्रगति की जानकारी ली।
पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण ने अपराध नियंत्रण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि जिले में चोरी, लूट, नशा तस्करी और अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।लंबित विवेचनाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि सभी विवेचनाएं त्वरित और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित की जाएं।
विवेचकों को पीड़ितों से नियमित संपर्क में रहने और साक्ष्य संकलन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। संवेदनशीलता बरतने को कहा गया। पुलिस अधीक्षक ने मिशन शक्ति अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों को विद्यालयों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में और सक्रिय किया जाए।
शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर उन्होंने कहा कि जनसुनवाई और ऑनलाइन प्राप्त होने वाली शिकायतों का निपटारा तय समयसीमा में हो। किसी भी फरियादी को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
कार्यालय अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि सभी रजिस्टर और डिजिटल रिकॉर्ड अद्यतन रखे जाएं ताकि किसी भी समय पारदर्शिता के साथ जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि प्रत्येक शाखा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी तत्परता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करे। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के भी निर्देश दिए। इसमें शिकायत निवारण प्रणाली को सरल बनाना, आमजन से बेहतर व्यवहार और तकनीक का अधिकतम उपयोग शामिल है।
गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, विभिन्न शाखाओं के प्रभारी और कार्यालय के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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