2014 से अब तक पाकिस्तान से लौटे 2732 भारतीय, परमाणु ठिकानों की सूची का भी हुआ आदान-प्रदान
भारत-पाकिस्तान के बीच कैदियों और परमाणु ठिकानों की सूची का आदान-प्रदान; 2014 से अब तक 2732 भारतीयों की हुई घर वापसी।
नई दिल्ली। भारत सरकार की मजबूत विदेश नीति और निरंतर कूटनीतिक प्रयासों के चलते पाकिस्तान की जेलों में बंद भारतीयों की स्वदेश वापसी में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2014 से लेकर अब तक कुल 2661 भारतीय मछुआरों और 71 नागरिक कैदियों को पाकिस्तान से सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। अकेले वर्ष 2023 से अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो 500 मछुआरे और 13 नागरिक कैदी वतन वापसी कर चुके हैं।
वर्ष 2008 के 'काउंसलर एक्सेस' समझौते के तहत, 1 जनवरी 2026 को भारत और पाकिस्तान ने एक-दूसरे की हिरासत में मौजूद कैदियों की सूची साझा की। भारतीय विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत ने अपनी जेलों में बंद 391 पाकिस्तानी नागरिक कैदियों और 33 मछुआरों की सूची सौंपी है। वहीं, पाकिस्तान ने स्वीकार किया है कि उसकी हिरासत में फिलहाल 58 भारतीय नागरिक कैदी और 199 मछुआरे मौजूद हैं।
भारत सरकार ने इस अवसर पर पाकिस्तान से उन 167 भारतीय कैदियों की तत्काल रिहाई की मांग की है, जो अपनी सजा पूरी कर चुके हैं। साथ ही, लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की तलाश और उनकी सुरक्षित वापसी पर भी जोर दिया गया है। भारत ने पाकिस्तान से उन 35 व्यक्तियों के लिए तुरंत 'काउंसलर एक्सेस' की मांग की है जिनके भारतीय होने का संदेह है लेकिन अभी तक उन्हें राजनयिक पहुंच नहीं दी गई है।
मानवीय मुद्दों के साथ-साथ दोनों देशों ने सुरक्षा और विश्वास बहाली के उपायों के तहत अपने 'परमाणु प्रतिष्ठानों और सुविधाओं' (Nuclear Installations and Facilities) की सूची का भी आदान-प्रदान किया। यह प्रक्रिया 1988 के उस द्विपक्षीय समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत दोनों देश एक-दूसरे के परमाणु केंद्रों पर हमला न करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
(रिपोर्ट. शाश्वत तिवारी)
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