42°C की तपिश और छोटे बच्चों की जान आफत में, अभिभावकों ने की छुट्टियों की मांग
कौशाम्बी में भीषण गर्मी और 42 डिग्री तापमान के बीच स्कूली बच्चों पर हीट स्ट्रोक का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन से छुट्टी की मांग।
(आदर्श भारतीय)
कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जनपद में सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बढ़ते पारे और लू (हीट वेव) के थपेड़ों के बीच सबसे ज्यादा संकट कक्षा 1 से 8 तक के नौनिहालों पर मंडरा रहा है। दोपहर 12:30 बजे होने वाली छुट्टी मासूमों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं हो रही है।
42 डिग्री का 'डेथ ट्रैप' और मासूमों की सेहत
वर्तमान में दोपहर के समय जिले का तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच रहा है। स्कूलों की छुट्टी ठीक उसी समय होती है जब धूप अपने चरम पर होती है। चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस उम्र के बच्चों में निर्जलीकरण (Dehydration) और हीट स्ट्रोक का खतरा बड़ों के मुकाबले कई गुना अधिक होता है।
डॉक्टरों की चेतावनी: इन लक्षणों पर रखें नजर
- अचानक सिरदर्द और चक्कर आना।
- अत्यधिक पसीना आना या शरीर का एकदम ठंडा पड़ जाना।
- उल्टी, कमजोरी और बेहोशी की स्थिति।
बचाव के उपाय: अभिभावकों के लिए सलाह
- जब तक स्कूल खुले हैं, डॉक्टर बच्चों के लिए निम्नलिखित सावधानियों को अनिवार्य बता रहे हैं:
- हाइड्रेशन: बच्चों को स्कूल भेजते समय साथ में पर्याप्त पानी और ORS का घोल जरूर दें।
- सुरक्षा कवच: धूप से बचाव के लिए टोपी, छाता और सूती कपड़ों का ही प्रयोग करें।
- खान-पान: बच्चों को खाली पेट स्कूल न भेजें और घर लौटने पर तुरंत ठंडा पानी देने से बचें।
प्रशासन से ऑनलाइन पढ़ाई की गुहार
भीषण गर्मी के प्रकोप को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों में आक्रोश और चिंता है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को तत्काल प्रभाव से अस्थायी अवकाश घोषित करना चाहिए। अभिभावकों का तर्क है कि जब तकनीक उपलब्ध है, तो इस भीषण तपन के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं का विकल्प अपनाकर बच्चों को लू की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूल के समय में बदलाव या छुट्टियों का निर्णय कब तक लेता है।
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