कांग्रेस गंगापार जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद नजरबंद; बोले- भाजपा के दमन के खिलाफ जारी रहेगा संघर्ष
प्रयागराज में मासिक बैठक से ठीक पहले कांग्रेस गंगापार जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद हाउस अरेस्ट; कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश
प्रयागराज : उत्तर प्रदेश में विपक्षी नेताओं की घेराबंदी और राजनीतिक सरगर्मियों के बीच प्रयागराज से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बुधवार, 3 जून 2026 को कांग्रेस गंगापार की महत्वपूर्ण मासिक बैठक से ठीक पहले योगी सरकार की पुलिस ने गंगापार के जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद को सिकंदरा में हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया। इस कार्रवाई के बाद जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया है।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार की इस कार्रवाई को कायरतापूर्ण बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि भाजपा सरकार कांग्रेस की बढ़ती ताकत और जनता के मिल रहे भारी समर्थन से पूरी तरह बौखला गई है।
"जेल और नजरबंदी से डरने वाले नहीं" – अशफाक अहमद
हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद गंगापार जिलाध्यक्ष अशफाक अहमद ने कार्यकर्ताओं के नाम एक कड़ा संदेश जारी किया। उन्होंने कहा:
"भाजपा सरकार चाहे जितने दमन चक्र चला ले, कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में गरीब, मजलूम और जनता के हक की लड़ाई लड़ता रहेगा। हम जेल और नजरबंदी से डरने वाले नहीं हैं। भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ हमारी आवाज और बुलंद होगी।"
सरकारी तंत्र के दुरुपयोग का आरोप
बैठक में मौजूद नेताओं ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की बढ़ती लोकप्रियता और राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी अविनाश पाण्डेय के कुशल मार्गदर्शन से भाजपा सरकार डरी हुई है। मासिक बैठक को बाधित करने और विपक्षी नेताओं को डराने की यह कोशिश पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है। आवाज को दबाने के लिए सरकारी तंत्र का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है, जिसका मुंहतोड़ जवाब सड़कों पर उतरकर दिया जाएगा।
बैठक में ये प्रमुख नेता रहे मौजूद
जिलाध्यक्ष की नजरबंदी की खबर के बीच कांग्रेस की बैठक आयोजित हुई, जिसमें सरकार की नीतियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किया गया। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे:
प्रमुख पदाधिकारी: विशेष आमंत्रित सदस्य शरद उपाध्याय मुन्ना, डा. जगत नारायण सिंह, राम किशुन पटेल, विधानसभा प्रभारी निशा सिंह, देवराज उपाध्याय, और डा. साधूचरण तिवारी।
संगठन के सदस्य: जिला महासचिव मुन्ना पाण्डेय, सुनील पाण्डेय, महेन्द्र प्रताप सिंह, वाररुम प्रभारी सद्दाम हुसैन सिद्दीकी, आनन्द प्राप्त सिंह और रमेश मौर्या।
ब्लॉक स्तरीय नेता: ब्लॉक अध्यक्ष रितेश पासी, डा. अमर सिंह पटेल, सुरेश पटेल, प्रदीप पाण्डेय, पंचू पासी, हरिभान सिंह सिंगरौर, श्यामजी धुरिया, आयुष पाण्डेय, कार्तिकेय पाण्डेय, इन्द्रजीत पटेल, अमित पाण्डेय, दुर्गेश श्रीवास्तव और शिव प्रसाद मौर्या।
इस घटना के बाद से क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है और कांग्रेस ने आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
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