यशोभूमि में सजेगा रक्षा और एविएशन का महामंच: सितंबर 2026 में 'एडेक्स - एयरपोर्ट' की मेज़बानी करेगा भारत

सितंबर 2026 में यशोभूमि में एडेक्स-एयरपोर्ट इवेंट आयोजित होगा, जो भारत को डिफेंस और एविएशन का ग्लोबल हब बनाएगा।

Jul 25, 2026 - 21:05
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यशोभूमि में सजेगा रक्षा और एविएशन का महामंच: सितंबर 2026 में 'एडेक्स - एयरपोर्ट' की मेज़बानी करेगा भारत

लखनऊ : भारत जल्द ही दुनिया के रक्षा, एयरोस्पेस और एविएशन सेक्टर के सबसे बड़े वैश्विक संगम का गवाह बनने जा रहा है। आगामी 10 से 12 सितंबर, 2026 तक नई दिल्ली स्थित द्वारका के 'यशोभूमि' (इंडिया इंटरनेशनल कन्वेन्शन एंड एक्सपो सेंटर) में 'एडेक्स - एयरपोर्ट 2026' का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और सम्मेलन वैश्विक उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, रक्षा निर्माताओं और निवेशकों को एक ही मंच पर लाएगा।

वैश्विक शक्ति के रूप में उभरता भारत
'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी प्राथमिकताओं के चलते भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा बाजार में तेजी से उछाल आया है। विश्लेषकों का अनुमान है कि 2030 तक यह बाजार 70 अरब डॉलर (USD) के स्तर को छू लेगा। हाल ही में स्वीकृत 'एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट' (AMCA) प्रोग्राम ने देश में पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के निर्माण और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के विकास को नई दिशा दी है।

प्रमुख सरकारी और औद्योगिक निकायों का समर्थन
इस विशाल आयोजन को नागरिक उड्डयन मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, एमएसएमई, डीआरडीओ (DRDO), डीजीसीए और सीएसआईआर (CSIR) का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। इसके साथ ही 'एरोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया' और 'ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया' जैसे प्रमुख संगठन भी इसमें भाग ले रहे हैं।

अत्याधुनिक तकनीकों का होगा प्रदर्शन
प्रदर्शनी में 10 से अधिक प्रमुख देशों—जैसे अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया, यूएई, और सिंगापुर—के प्रतिनिधि शिरकत करेंगे। इस दौरान निम्नलिखित तकनीकों और समाधानों का प्रदर्शन किया जाएगा:

  • सैन्य एविएशन और इलेक्ट्रॉनिक्स: मिसाइल सिस्टम, एवियोनिक्स, और ऑटोनॉमस प्लेटफॉर्म।
  • भविष्य की तकनीक: ड्रोन (UAS), काउंटर-ड्रोन सिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और साइबर सुरक्षा।
  • एयरपोर्ट एवं मेंटेनेंस: एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरक्राफ्ट इंटीरियर, नेविगेशन सिस्टम और MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) सॉल्यूशंस।

वैश्विक साझेदारियों के नए अवसर
2014 के बाद से भारत में चालू हवाई अड्डों की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है, जिससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू एविएशन मार्केट बन गया है। एडेक्स-एयरपोर्ट 2026 के माध्यम से एचएएल (HAL), बीईएल (BEL), और इसरो (ISRO) जैसी अग्रणी भारतीय संस्थाएं वैश्विक कंपनियों के साथ मिलकर रणनीतिक साझेदारियों और नए व्यापारिक अवसरों की नींव रखेंगी।

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