अम्बेडकरनगर: जलालपुर में स्थायी लोक अदालत और POCSO एक्ट पर जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को बताए कानूनी अधिकार
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में जलालपुर के विभिन्न गांवों में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित हुआ। ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत के लाभ, POCSO कानून और बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी दी गई।
अम्बेडकर नगर : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अम्बेडकर नगर के निर्देशन में जन शिक्षण केंद्र द्वारा जलालपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत करमिसिरपुर, भस्मा और सुरहुरपुर में विधिक जागरूकता बैठकों का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को सुलभ, त्वरित और कम खर्चीली न्याय व्यवस्था से जोड़ने के साथ-साथ उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
स्थायी लोक अदालत से तुरंत और सुलभ न्याय
बैठक में ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया गया:
सार्वजनिक सेवाएं: परिवहन, बिजली, पेयजल और डाक जैसी सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विवादों का अदालत में मुकदमा दर्ज होने से पहले ही यहां सौहार्दपूर्ण समाधान कराया जा सकता है।
अधिकार क्षेत्र: स्थायी लोक अदालत 1 करोड़ रुपये तक के वित्तीय मूल्य वाले मामलों की सुनवाई कर सकती है। समझौता न होने की स्थिति में इसका निर्णय अंतिम और दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होता है।
POCSO और बाल विवाह निषेध कानून की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और POCSO एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) के तहत मिलने वाले कानूनी प्रावधानों पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम के प्रति जागरूक करते हुए अपील की गई कि बाल शोषण या बाल विवाह जैसी किसी भी सामाजिक कुरीति की सूचना तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण या संबंधित विभाग को दें।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जन शिक्षण केंद्र की टीम से चांदतारा, पुनीता, निशा, उर्मिला, सरोज, रामहित और हेमलता की सराहनीय भूमिका रही। अंत में सभी ग्रामीणों ने समाज में विधिक साक्षरता फैलाने का संकल्प लिया।
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