अम्बेडकरनगर: 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के जरिए केंद्र को घेरेगी कांग्रेस, 45 दिनों तक चलेगा गांव-गांव जनआंदोलन
अंबेडकरनगर में कांग्रेस का 45 दिवसीय 'मनरेगा बचाओ संग्राम' शुरू। भाजपा सरकार पर योजना को कमजोर करने का आरोप।
अम्बेडकरनगर। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली मनरेगा योजना के अस्तित्व को बचाने के लिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्र प्रजापति ने "मनरेगा बचाओ संग्राम" की घोषणा करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर इस ऐतिहासिक योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया।
डॉ. प्रजापति ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की दूरदर्शी सोच से शुरू हुई इस योजना ने करोड़ों ग्रामीणों को सम्मानजनक रोजगार दिया। लेकिन वर्तमान सरकार बजट में कटौती, भुगतान में देरी और योजना का नाम बदलने जैसे प्रयासों से इसे खत्म करना चाहती है। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों में बदलाव से ग्रामीण भारत के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
आंदोलन की 45 दिवसीय रूपरेखा
जिला प्रवक्ता अवधेश कुमार मिश्र "बब्लू" ने आंदोलन का विस्तृत कार्यक्रम साझा किया:
10 जनवरी: कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ।
11 जनवरी: एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन।
12 से 29 जनवरी: पंचायत स्तर पर सघन जनसंपर्क अभियान।
30 जनवरी: वार्ड स्तर पर धरना प्रदर्शन।
31 जनवरी से 25 फरवरी: क्षेत्रीय और एआईसीसी (AICC) स्तर पर विभिन्न विरोध कार्यक्रम।
बैठक में उपाध्यक्ष गुलाम रसूल 'छोटू', कोषाध्यक्ष रेहान जैदी और ब्लॉक अध्यक्षों ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस संघर्ष को हर गांव तक ले जाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने संकल्प लिया कि भाजपा सरकार द्वारा मनरेगा के साथ की जा रही "सौतेली व्यवहार" को जनता के बीच उजागर किया जाएगा। बैठक में रितेश तिवारी, इलियास इदरीसी और हाजी सलीम सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने इस जनआंदोलन को प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की।
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