'आओ देखो सीखो': कानपुर में 500 महिलाओं ने सीखा स्तन कैंसर से बचाव का मंत्र
कानपुर के GSVM मेडिकल कॉलेज में विश्व कैंसर दिवस पर 500 महिलाओं को 'स्तन स्व-परीक्षण' (BSE) का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कानपुर। विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने महिलाओं को एक जीवन रक्षक कौशल से लैस करने के लिए 'आओ देखो सीखो' अभियान का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से 500 से अधिक महिलाओं को स्तन कैंसर की प्रारंभिक पहचान और स्व-परीक्षण के प्रति जागरूक किया गया।
भारत में अलार्म बजाते आंकड़े
स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौंकाने वाले तथ्य साझा किए। उन्होंने बताया कि:
भारत में हर साल लगभग 2 लाख नए स्तन कैंसर के मामले सामने आते हैं।
विडंबना यह है कि 50-60 प्रतिशत महिलाएं अस्पताल तब पहुंचती हैं, जब बीमारी अंतिम चरण (Last Stage) में होती है।
यदि शुरुआती चरण में पहचान हो जाए, तो उपचार की सफलता दर 90 प्रतिशत तक होती है।
'स्तन स्व-परीक्षण' (Self-Examination) है सबसे बड़ा हथियार
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'स्तन स्व-परीक्षण' का व्यावहारिक प्रशिक्षण रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि हर महिला को नियमित अंतराल पर स्वयं की जांच करनी चाहिए ताकि किसी भी गांठ या असामान्य बदलाव को तुरंत पकड़ा जा सके।
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विशेषज्ञों की टीम ने दूर की भ्रांतियां
डॉ. सीमा द्विवेदी, डॉ. गरिमा गुप्ता, डॉ. करिश्मा शर्मा और विभाग की अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों (डॉ. प्रज्ञा, डॉ. प्रतिमा, डॉ. रश्मि, डॉ. नीलू) ने महिलाओं के मन में व्याप्त संकोच और डर को दूर किया। उन्होंने व्यावहारिक रूप से समझाया कि कैसे जागरूकता ही कैंसर के विरुद्ध सबसे सशक्त सुरक्षा कवच है।
चिकित्सकों ने जोर दिया कि 30 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को अपने शरीर के प्रति अधिक सतर्क रहना चाहिए। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य महिलाओं को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य का रक्षक बनाना था।
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