'विकसित भारत @2047': 2 जुलाई को 'भारतीय शिक्षा दिवस' के रूप में स्थापना दिवस मनाएगा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास अवध प्रांत की बैठक में फैसला, 2 जुलाई को 'भारतीय शिक्षा दिवस' के रूप में मनेगा स्थापना दिवस
लखनऊ : शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत की प्रांतीय बैठक का आयोजन आज ज्ञान गुरुकुलम परिसर, इंसाफ नगर, इंदिरा नगर, लखनऊ में उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्वलन एवं वैदिक ऋचाओं के उच्चारण के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता जी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री ज्ञान पाण्डेय ने प्रस्तुत किया। कल्याण मंत्र के साथ बैठक का समापन हुआ।
बैठक को संबोधित करते हुए अवध प्रांत संयोजक श्री प्रमिल द्विवेदी ने विभिन्न जनपदों से पधारे कार्यकर्ताओं का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बताया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रख्यात शिक्षाविद् मा. अतुल कोठारी जी के मार्गदर्शन में 29 से 31 मई 2026 तक पुणे स्थित श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी (एस.एन.डी.टी.) महिला विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय प्रांत संयोजक बैठक में लिए गए निर्णयों के क्रम में देशभर के प्रांतों में संगठनात्मक बैठकों एवं प्रेस वार्ताओं का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में अवध प्रांत की यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि "विकसित भारत @2047 हेतु शिक्षा" के संकल्प को साकार करने के लिए न्यास द्वारा पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण, भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषा मंच तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 जैसे विषयों पर व्यापक कार्य किया जा रहा है। इन विषयों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की आवश्यकता है।
श्री द्विवेदी ने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में कहा कि समाज जीवन में पंच परिवर्तन(सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्य) के विचार को व्यवहार में उतारना समय की मांग है। उन्होंने संगठन की कार्यपद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि "कार्यकर्ता विद्वान बने और विद्वान कार्यकर्ता बने"— यही न्यास की मूल भावना है। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास के लिए जीवन की आध्यात्मिक दृष्टि का विकास आवश्यक है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का स्थापना दिवस आगामी 2 जुलाई को "भारतीय शिक्षा दिवस" के रूप में पूरे अवध प्रांत में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर भारतीय शिक्षा की गौरवशाली परंपरा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय भाषाओं के संवर्धन तथा मूल्यपरक शिक्षा के प्रसार को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
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