नारियांवा गौशाला में 8 साल बाद भी बदहाली, कीचड़ में रहने को मजबूर गोवंश, सचिव पर उठे सवाल
बाबागंज के नारियांवा गौशाला में 8 साल बाद भी गोवंशों की व्यवस्था अधूरी। फर्श पर ईंट न होने से कीचड़ में रहने को मजबूर बेजुबान, ग्राम पंचायत सचिव पर उठे सवाल।
कुंडा (प्रतापगढ़)। विकास खंड बाबागंज अंतर्गत नारियांवा स्थित सरकारी गौशाला का निर्माण हुए 8 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी यहां आश्रित गोवंशों के लिए मूलभूत सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हो सकी हैं। गौशाला परिसर में पशुओं के बैठने के लिए फर्श पर ईंटों की समुचित सोलिंग तक नहीं कराई गई है। इसके चलते बारिश के दिनों में पूरे परिसर में दलदल और भारी कीचड़ जम जाता है, जिससे बेजुबान गोवंश नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
वर्षों से संचालित हो रही इस गौशाला की बदहाली को लेकर अब स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार की सबसे प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल गो-संरक्षण के प्रति संबंधित ग्राम पंचायत सचिव पूरी तरह उदासीन बने हुए हैं। गौशाला के रखरखाव और व्यवस्थाओं के क्रियान्वयन में सचिव की कोई रुचि दिखाई नहीं दे रही है, जिससे सरकारी बजट की बंदरबांट और लापरवाही की बू आ रही है।
हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर संबंधित सचिव का अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने जिले के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि नारियांवा गौशाला का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी कि पिछले 8 वर्षों में गौशाला के नाम पर कौन-कौन से विकास कार्य कराए गए हैं और किन सुविधाओं में धांधली की गई है। लोगों ने जल्द से जल्द गोवंशों के बैठने के लिए पक्के शेड और फर्श का इंतजाम करने की गुहार लगाई है।
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