कुंडा तहसील में मंडलायुक्त का औचक निरीक्षण: दो लेखपाल निलंबित, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों का वेतन रोका, एसडीएम को चेतावनी
कुंडा तहसील में कमिश्नर लोकेश एम के औचक निरीक्षण से हड़कंप; दो लेखपाल निलंबित, तहसीलदार-नायब तहसीलदारों समेत 11 अधिकारियों का वेतन रोका
कुंडा (प्रतापगढ़)। तहसील स्तरीय सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब मंडलायुक्त लोकेश एम और अपर आयुक्त त्रिभुवन नाथ अधिकारियों की टीम के साथ अचानक तहसील परिसर पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान पाई गई भारी अनियमितताओं, पेंडेंसी और लापरवाही पर मंडलायुक्त ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त दंडात्मक कार्रवाई की।
कमिश्नर ने सबसे पहले तहसील सभागार में फरियादियों की समस्याएं सुनीं और इसके बाद एसडीएम कार्यालय में अधिकारियों की क्लास ली। समीक्षा के दौरान सामने आई गंभीर लापरवाहियों पर उन्होंने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
दो लेखपाल तत्काल निलंबित: कार्य में संतोषजनक जवाब न देने पर लेखपाल संघ के महामंत्री संदीप कुमार मौर्य और मंत्री बृजेश गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
तहसीलदार व नायब तहसीलदारों का वेतन रोका: धारा 33 व 34 के मामलों का समयबद्ध निस्तारण न करने और 1000 से अधिक मुकदमे लंबित पाए जाने पर तहसीलदार, न्यायिक तहसीलदार तथा तीनों नायब तहसीलदारों का वेतन रोकने का आदेश दिया गया।
अनुपस्थित 11 अधिकारियों पर गाज: समाधान दिवस से अनुपस्थित पाए गए 11 विभागीय अधिकारियों के वेतन रोकने के सख्त निर्देश जारी किए गए।
एडवर्स एंट्री व चेतावनी: रजिस्टरों का सही रखरखाव न करने पर माल बाबू सत्य प्रकाश को प्रतिकूल प्रविष्टि (Adverse Entry) दी गई। वहीं, उपजिलाधिकारी (SDM) अजय कुमार यादव को सख्त चेतावनी देते हुए शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध कार्य करने का निर्देश दिया गया।
समाधान दिवस में पहुंचे 134 फरियादियों में से 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को पारदर्शी और त्वरित समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को सौंपा गया। कमिश्नर की इस कड़ी कार्रवाई से प्रशासनिक हलके में हड़कंप मचा रहा।
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