स्वतंत्रता संग्राम के पुरोधा पंडित मोतीलाल नेहरू और 'सीमांत गांधी' को प्रयागराज में दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
प्रयागराज में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पंडित मोतीलाल नेहरू की पुण्यतिथि और खान अब्दुल गफ्फार खान की जयंती पर उन्हें याद किया।
प्रयागराज। गंगापार कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में फूलपुर स्थित इफको कोरडेट में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष अशफाक अहमद के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश के महान राजनेता और प्रख्यात अधिवक्ता पंडित मोतीलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। साथ ही, 'भारत रत्न' खान अब्दुल गफ्फार खान की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अशफाक अहमद ने कहा कि पंडित मोतीलाल नेहरू इलाहाबाद उच्च न्यायालय के शीर्ष वकीलों में शुमार थे। उन्होंने न केवल नेहरू-गांधी परिवार की नींव रखी, बल्कि 1919 और 1928 में दो बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में देश का नेतृत्व भी किया। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। देश सेवा के लिए उन्होंने अपने ऐश्वर्यपूर्ण जीवन का त्याग कर दिया, जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान विधानसभा प्रभारी ने खान अब्दुल गफ्फार खान (सीमांत गांधी) के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 6 फरवरी 1890 को जन्मे खान साहब महात्मा गांधी के अहिंसक सिद्धांतों के प्रबल समर्थक थे। उन्होंने 'लाल कुर्ती दल' का गठन कर आजादी की अलख जगाई। वे पहले गैर-भारतीय थे, जिन्हें 1987 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से नवाजा गया था।
इस गरिमामयी अवसर पर जिला महासचिव सुनील पांडे, वाररूम प्रभारी सद्दाम हुसैन सिद्दीकी, चिकित्सा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष डॉ. अमर सिंह पटेल, मंडल अध्यक्ष श्याम जी धुरिया, हृदयानंद यादव, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद शमीम और आशीष यादव सहित अनेक कांग्रेस जन उपस्थित रहे। सभी ने महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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