सरकारी ठेकों से जौहर यूनिवर्सिटी तक पैसों का खेल? आजम खान के ठिकानों पर ED की बड़ी कार्रवाई
समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी पर ED ने ताबड़तोड़ छापेमारी की। सरकारी ठेकों से मिली रकम को डायवर्ट कर यूनिवर्सिटी निर्माण में लगाने के गंभीर आरोप लगे हैं।
लखनऊ / रामपुर : समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती दिख रही हैं। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। लखनऊ जोनल टीम ने Prevention of Money Laundering Act (PMLA) की धारा 17 के तहत उत्तर प्रदेश और दिल्ली के करीब 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इनमें रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली के जामिया नगर स्थित परिसर शामिल हैं।
सरकारी ठेकों और फंडिंग का संदिग्ध कनेक्शनजांच का सबसे मुख्य बिंदु सरकारी ठेकों से निकला पैसा और जौहर ट्रस्ट के खातों में हुए लेन-देन का संबंध है। ED को अंदेशा है कि सरकारी निर्माण और अन्य विकास कार्यों के लिए जारी बजट का एक बड़ा हिस्सा निजी ठेकेदारों के जरिए मोड़ा (डायवर्ट) गया। जिन ठेकेदारों को सरकारी योजनाओं से वित्तीय लाभ मिला, उन्होंने बाद में दान या निर्माण कार्य के बहाने इस रकम का बड़ा हिस्सा ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट्स में ट्रांसफर किया।

स्टूडेंट्स और वकीलों की चिंताएंकार्रवाई के दौरान रामपुर स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस में तनाव का माहौल देखा गया। पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कैंपस में आने-जाने वाले स्टूडेंट्स को रोका जा रहा है और जिनके पास मोबाइल नहीं है उन्हें अंदर जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने छात्रों से पूछताछ और फोन नंबर लिए जाने पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से बच्चों को परेशान न करने का आग्रह किया।
डिजिटल सबूत और पुराने मामलों का हिसाबछापेमारी के दौरान ED केवल कागजी दस्तावेजों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल उपकरणों, हार्ड डिस्क, बैंक स्टेटमेंट और ठेकेदारों के भुगतान रिकॉर्ड की गहनता से जांच कर रही है। जौहर ट्रस्ट इससे पहले भी वित्तीय अनियमितताओं को लेकर जांच एजेंसियों के रडार पर रहा है।
इससे पहले आयकर विभाग (Income Tax Department) की ओर से 494 करोड़ रुपये के खर्च का हिसाब न मिलने पर ट्रस्ट के रजिस्ट्रेशन संबंधी मुद्दों पर कार्रवाई की गई थी। वर्तमान में रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा भी यूनिवर्सिटी के भवनों के बिना नक्शा पास निर्माण को लेकर नोटिस दिए गए थे। ED की इस ताजा कार्रवाई के बाद कागजी लेन-देन की पुष्टि होने पर आने वाले दिनों में कानूनी शिकंजा और सख्त हो सकता है।
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