लखनऊ: सीएम योगी की अध्यक्षता में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक, एक्सप्रेस-वे और जनकल्याणकारी योजनाओं पर दिए कड़े निर्देश
लखनऊ में सीएम योगी की अध्यक्षता में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की छठी बैठक संपन्न; एक्सप्रेस-वे और जीरो पॉवर्टी अभियान पर बड़े निर्देश
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को राजधानी लखनऊ में स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन (STC) की छठी महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश की आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर), औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सुदृढ़ सेवा वितरण से जुड़ी कई बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के समग्र विकास को गति देने के लिए अधिकारियों को पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ काम करने के कड़े निर्देश दिए।
'जीरो पॉवर्टी अभियान' को सर्वोच्च प्राथमिकता, बनेगी विशेष टीम
बैठक में गरीब और वंचित परिवारों के उत्थान पर विशेष जोर देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जीरो पॉवर्टी अभियान' को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के अत्यंत गरीब और पात्र परिवारों की पहचान कर उनका अंत्योदय कार्ड बनाया जाए।
इसके साथ ही, इन परिवारों को चरणबद्ध रूप से निम्नलिखित प्रमुख योजनाओं से जोड़ा जाएगा:
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (मुफ्त इलाज)
- प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना (पक्का मकान)
- अन्य सभी पात्र कल्याणकारी सरकारी योजनाएं
विशेष टीम का गठन: "पात्र परिवारों तक सभी सरकारी योजनाओं का समग्र लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचाने के लिए स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की एक विशेष टीम गठित की जाए, जो इसकी कड़ाई से मॉनिटरिंग करेगी।" — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए 31 जुलाई तक भूमि उपलब्धता के निर्देश
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे के संजाल को और मजबूत करने के लिए सीएम योगी ने फर्रुखाबाद लिंक, झांसी लिंक, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक, जेवर लिंक, मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेस-वे सहित कई बड़ी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट देखी।
उन्होंने संबंधित जिलाधिकारियों (DMs) को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि 31 जुलाई 2026 तक हर हाल में इन परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े किसी भी विवाद या विषय में प्रशासन सीधे भूमिस्वामियों (किसानों) से संवाद स्थापित करे ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हो सके।
नाइट सफारी और मल्टी मोडल हब को समय पर पूरा करने का अल्टीमेटम
राजधानी में बन रही कुकरैल नाइट सफारी परियोजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी कागजी और तकनीकी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर इसका समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। वहीं, ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी मोडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मोडल ट्रांसपोर्ट हब की समीक्षा के दौरान भी उन्होंने निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने के निर्देश दिए।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और लंबित परियोजनाएं
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सीएम योगी ने 'मॉडल बिल्डिंग बायलॉज' को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के अनुरूप जल्द से जल्द अंतिम रूप देने को कहा। इसके अलावा लखनऊ टेक्सटाइल पार्क, उन्नाव एक्वा ब्रिज और कानपुर की तृतीयक उपचार संयंत्र (Tertiary Treatment Plant) परियोजना सहित सभी लंबित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने की हिदायत दी।
बैठक के अंत में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) में भूमि अधिग्रहण, डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड, सांसद व विधायक निधि की योजनाएं, 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' और ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होगा।
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