नशे के सौदागरों पर shimla police का कहर: ₹70 लाख की काली कमाई से खड़ी संपत्तियां फ्रीज

शिमला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा तस्करों की ₹70 लाख की अवैध संपत्ति को फ्रीज कर दिया है

Jun 28, 2026 - 14:00
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नशे के सौदागरों पर shimla police का कहर: ₹70 लाख की काली कमाई से खड़ी संपत्तियां फ्रीज

शिमला: Himachal Pradesh में मादक पदार्थों के काले कारोबार को जड़ से उखाड़ने के लिए शिमला पुलिस ने अब अपनी रणनीति बदल दी है। पुलिस अब न केवल नशा तस्करों को सलाखों के पीछे भेज रही है, बल्कि अपराध की कमाई से खड़े किए गए उनके आर्थिक साम्राज्य को भी नेस्तनाबूद कर रही है। इसी कड़ी में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में संलिप्त आरोपियों की करीब 70 लाख रुपये की अवैध संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है।

पुलिस का साफ संदेश है कि अब सिर्फ गिरफ्तारी नहीं होगी, बल्कि तस्करों की आर्थिक कमर भी तोड़ी जाएगी।

एएसपी सिटी शिमला, मेहर पंवर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पहला मामला रामपुर पुलिस थाने से जुड़ा है। यहां डिटेक्शन सेल की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर किन्नौर के रहने वाले साहिल नाम के युवक से 6 ग्राम चिट्टा पकड़ा था। पुलिस ने जब इस ड्रग नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक्स की गहराई से जांच की, तो 6 और चेहरों बेनकाब हुए। इन सभी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया।

जब इन आरोपियों की वित्तीय कुंडली खंगाली गई, तो तीन आरोपियों की ₹32 लाख की बेनामी संपत्ति का पता चला। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उनके लग्जरी वाहन, 44.1 ग्राम सोना और अन्य संपत्तियों को फ्रीज कर दिया।

दूसरा मामला चंडीगढ़ से गिरफ्तार किए गए शातिर नशा तस्कर चेतन चौहान का है। चेतन के खिलाफ पहले भी मादक पदार्थ तस्करी के दो मामले दर्ज थे। पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे चंडीगढ़ से दबोचा था और फिलहाल वह कैथू जेल में बंद है।

वित्तीय जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि चेतन ने तस्करी के पैसे से करीब ₹38 लाख का साम्राज्य खड़ा किया था। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसका एक ट्रक, एक कार, 74 ग्राम सोना और उसके बैंक खातों को पूरी तरह फ्रीज कर दिया है।

पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि इन तस्करों के पास कमाई का कोई भी कानूनी या वैध जरिया (Legitimate source) नहीं था। पिछले 6 सालों में इन्होंने केवल नशे की तस्करी कर इस अकूत संपत्ति को जुटाया था।

शिमला पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल के शुरुआती 6 महीनों में वित्तीय जांच के आधार पर 4 बड़े मामलों में 6 आरोपियों की कुल 1.83 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है। गौरतलब है कि पिछले 2 सालों में ऐसी कोई वित्तीय कार्रवाई देखने को नहीं मिली थी, जिससे साफ है कि पुलिस अब तस्करों के पूरे इकोसिस्टम को तबाह करने के मूड में है।

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