राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई सरदार पटेल की जयंती: सरस्वती विद्या मंदिर, नैनी में गूंजे राष्ट्रभक्ति के स्वर
प्रयागराज: शहर के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरस्वती विद्या मंदिर माधव ज्ञान केंद्र, नैनी में देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय परिसर में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकात्मता का अनूठा माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय कुमार मिश्र तथा आचार्यों द्वारा माँ शारदे और सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों ने भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से सरदार पटेल के जीवन, उनके नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व और राष्ट्र की अखंडता के लिए दिए गए उनके अतुलनीय योगदान पर अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने वक्ताओं के रूप में देश को एक सूत्र में पिरोने में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका को रेखांकित किया।
विद्यालय के आचार्य बृजेश सिंह ने अपने संबोधन में सरदार पटेल के कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को सरदार साहब के दृढ़ संकल्प, राजनीतिक दूरदर्शिता और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। आचार्य जी ने बताया कि किस प्रकार सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों को भारत संघ में विलीन कर एक अखंड भारत की नींव रखी थी।
विद्यार्थियों ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रधानाचार्य श्री अजय कुमार मिश्र ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने की सामूहिक शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे देश की आंतरिक सुरक्षा और राष्ट्रीय एकात्मता के प्रति सदैव जागरूक एवं समर्पित रहें। इस गरिमामयी आयोजन में विद्यालय के समस्त छात्र-छात्राएं, आचार्यगण और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर 'राष्ट्रीय एकता जिंदाबाद' के नारों से गूंज उठा।
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