सच्ची लगन हो तो तूफान में भी जलता है भक्ति का दीया", श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

कानपुर के शनि साई मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन वामन अवतार और ध्रुव चरित्र की महिमा से श्रद्धालु भाव-विभोर हुए।

Feb 05, 2026 - 21:14
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सच्ची लगन हो तो तूफान में भी जलता है भक्ति का दीया", श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

कानपुर। गांधी नगर स्थित गणेश पार्क के श्री शनि साई मंदिर के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन भक्ति की बयार बही। कथा व्यास श्री दीपक कृष्ण जी महाराज ने अपनी अमृतमयी वाणी से ध्रुव चरित्र और वामन अवतार जैसे प्रसंगों का सजीव वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

'लगन' से ही संभव है परमात्मा का मिलन
कथा के दौरान महाराज जी ने ध्रुव जी की कठोर तपस्या का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि भक्त की लगन पक्की हो, तो ईश्वर को आना ही पड़ता है। उन्होंने एक प्रेरक पंक्ति के माध्यम से भक्तों को ढांढस बंधाया:

"जिसकी लागी लगन भगवान में, उसका दिया तो जलेगा तूफान में।"

उन्होंने जोर देकर कहा कि सांसारिक बाधाएं केवल शरीर को रोक सकती हैं, आत्मा को नहीं। यदि मनुष्य निष्काम भाव से प्रभु की शरण में जाए, तो उसे परम पद की प्राप्ति अवश्य होती है।

सत्संग ही है विकारों का काल
महाराज जी ने मानव जीवन के शत्रुओं— काम, क्रोध, मद और लोभ—पर प्रहार करते हुए कहा कि ये विकार मनुष्य को नरक के द्वार तक ले जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईश्वर के दर्शन के बाद भी जीवन में ये विकार बने रहते हैं, तो उद्धार संभव नहीं है। इन विकारों से मुक्ति का एकमात्र मार्ग 'सत्संग' है। सत्संग के बिना विवेक जागृत नहीं होता और विवेक के बिना विकारों का अंत नहीं होता।

  • प्रमुख प्रसंगों का वर्णन
    तृतीय दिवस की कथा में महाराज जी ने निम्नलिखित प्रसंगों की विस्तृत व्याख्या की:
  • जड़ भरत चरित्र: संसार की आसक्ति से मुक्ति का संदेश।
  • अजामिलोपाख्यान: अंत समय में भी प्रभु नाम की महिमा।
  • वामन अवतार: अहंकार के त्याग और संपूर्ण समर्पण का प्रतीक।

इस आध्यात्मिक आयोजन में मुख्य रूप से पूर्व पार्षद महेंद्र नाथ शुक्ल, राजेंद्र नाथ शुक्ला, श्रीश शुक्ला, गंगा शरण दीक्षित, विनोद अग्निहोत्री, राहुल दुबे और मोनू शुक्ला सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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