प्रयागराज के नेहरू पार्क में बनेगी मिनी सफारी, हिरण और पक्षियों का दीदार कर सकेंगे पर्यटक

प्रयागराज के 30 हेक्टेयर में फैले नेहरू पार्क को मिनी सफारी के रूप में विकसित किया जाएगा। यहाँ हिरण, पक्षी, प्रवेश प्लाजा और शैक्षिक प्रदर्शनी जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।

Oct 22, 2026 - 20:10
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प्रयागराज के नेहरू पार्क में बनेगी मिनी सफारी, हिरण और पक्षियों का दीदार कर सकेंगे पर्यटक

प्रयागराज: संगम नगरी प्रयागराज के पर्यटन और मनोरंजन के क्षेत्र में एक नया और रोमांचक अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर के ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहर नेहरू पार्क को अब एक भव्य 'मिनी सफारी' के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू हो गया है। हाल ही में मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने सेना के अधिकारियों, नगर आयुक्त, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) के उपाध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस पार्क का स्थलीय निरीक्षण किया। इस उच्चस्तरीय बैठक में पार्क के करीब 30 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल को मिनी सफारी में बदलने पर औपचारिक सहमति बनी है।

प्रस्तावित योजना के तहत पार्क का पूरा इस्तेमाल वन्यजीव और प्रकृति प्रेमियों के मनोरंजन के लिए किया जाएगा। यहाँ आने वाले पर्यटकों के स्वागत के लिए एक आकर्षक प्रवेश प्लाजा और घूमने के लिए नेचुरल मड ट्रैक बनाए जाएंगे। इसके अलावा, प्रकृति प्रेमियों और बच्चों के लिए यहाँ हिरणों और विभिन्न प्रजातियों के दुर्लभ पक्षियों को लाया जाएगा। बच्चों में वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष शैक्षिक प्रदर्शनियाँ और ज्ञानवर्धक स्टॉल भी स्थापित किए जाएंगे।

इस परियोजना को पूरी तरह वैज्ञानिक और व्यवस्थित रूप देने के लिए सबसे पहले पार्क का ड्रोन के माध्यम से स्थलाकृतिक सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसके बाद सेना और प्रयागराज विकास प्राधिकरण के बीच एक संयुक्त समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे, जिसमें दोनों पक्षों की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। वन विभाग के विशेषज्ञों की देखरेख में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगी और पार्क के प्राकृतिक माहौल के अनुकूल ही पेड़-पौधे लगाए जाएंगे।

पार्क के दीर्घकालिक रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) संभालेगा। इसके संचालन के लिए टिकटों और अन्य माध्यमों से मिलने वाले राजस्व का ही उपयोग किया जाएगा ताकि पार्क हमेशा हरा-भरा और सुव्यवस्थित बना रहे। योजना के शुरुआती चरण में ही झील की साफ-सफाई, जलकुंभी हटाने और नालों की टैपिंग के सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रदूषण मुक्त वातावरण तैयार किया जा सके। प्रशासन की इस पहल से प्रयागराज के पर्यटन को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।

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