केवीके चंबा का 'खेत बचाओ अभियान' पहुंचा छह हजार किसानों तक, मिली तकनीक
कृषि विज्ञान केंद्र चंबा के 'खेत बचाओ अभियान' ने ६,००० किसानों को आधुनिक कृषि और फसल सुरक्षा के गुर सिखाए।
चंबा (हिमाचल प्रदेश): कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) चंबा द्वारा क्षेत्र के किसानों को सशक्त और जागरूक बनाने के लिए चलाया जा रहा 'खेत बचाओ अभियान' एक बड़े मील के पत्थर तक पहुंच गया है। इस विशेष अभियान के माध्यम से अब तक जिले के ६,००० से अधिक किसानों को सीधे तौर पर जोड़ा जा चुका है। अभियान का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना और फसलों को विभिन्न रोगों व जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचाना है।
केवीके चंबा के कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की टीम ने जिले के दूरदराज के गांवों का दौरा कर किसानों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने, उन्नत बीजों के चयन, जैविक खादों के उपयोग और कम पानी में अधिक पैदावार लेने की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
फसल सुरक्षा और आधुनिक तकनीकों पर जोर:
इस अभियान के तहत पहाड़ी इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और बीमारियों के प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। वैज्ञानिकों ने किसानों को रासायनिक कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से बचने की सलाह दी और उनके स्थान पर पर्यावरण-अनुकूल तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) प्रणालियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इसके साथ ही, अभियान के दौरान प्रगतिशील खेती के लाइव प्रदर्शन भी आयोजित किए गए, जिससे किसानों को नई कृषि मशीनरी और तकनीकों को समझने में आसानी हुई। केवीके के इस प्रयास की स्थानीय बागवानों और किसानों ने काफी सराहना की है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अभियान से न केवल चंबा के किसानों की फसल लागत में कमी आएगी, बल्कि उनकी आय में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। आगामी दिनों में इस अभियान का दायरा और बढ़ाने की योजना है।
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