किन्नौर बना हिमाचल का सबसे गीला जिला, जुलाई में हुई १२१ प्रतिशत अधिक बारिश
हिमाचल के किन्नौर जिले में जुलाई में सामान्य से १२१ प्रतिशत अधिक रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश में सक्रिय मानसून के चलते इस साल मौसम के कई अनोखे रूप देखने को मिल रहे हैं। आमतौर पर शुष्क और कम वर्षा वाले ठंडे मरुस्थलीय क्षेत्र के रूप में जाना जाने वाला सीमावर्ती जिला किन्नौर इस साल जुलाई महीने में अब तक पूरे हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक बारिश दर्ज करने वाला जिला बन गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के आंकड़ों के अनुसार, किन्नौर में जुलाई के शुरुआती पखवाड़े में सामान्य से १२१ प्रतिशत अधिक रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि के दौरान किन्नौर जिले में सामान्य तौर पर बहुत कम बारिश की उम्मीद होती है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी हवाओं के आपस में टकराने के कारण इस ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्र में भारी वर्षा हुई है। किन्नौर के अलावा लाहौल-स्पीति और चंबा जिलों में भी सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि, अत्यधिक बारिश के चलते किन्नौर के कई संवेदनशील इलाकों, विशेष रूप से सांगला घाटी और राष्ट्रीय राजमार्ग-५ पर भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा काफी बढ़ गया है।
दूसरी ओर, राज्य के निचले और मैदानी जिलों जैसे ऊना, हमीरपुर और बिलासपुर में इस अवधि के दौरान सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने किन्नौर और उसके आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले स्थानीय लोगों और पर्यटकों को नदी-नालों के करीब न जाने और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी है। प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत कार्यों के लिए मशीनरी और आपातकालीन टीमों को हाई अलर्ट पर तैनात कर दिया है।
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