शिमला में सेब सीजन के दौरान यातायात व्यवस्था के लिए ३०० पुलिसकर्मी होंगे तैनात
शिमला पुलिस ने सेब सीजन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए ३०० अतिरिक्त जवान तैनात किए हैं।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में प्रसिद्ध सेब सीजन की शुरुआत के साथ ही शिमला जिला पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य लिंक सड़कों पर सुचारू यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कमर कस ली है। जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने और बागवानों की फसलों को बिना किसी बाधा के मंडियों तक पहुंचाने के लिए करीब ३०० अतिरिक्त पुलिस जवानों को तैनात किया जा रहा है।
शिमला के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने एक विशेष सुरक्षा और यातायात समीक्षा बैठक के बाद इस कार्ययोजना की घोषणा की। उन्होंने बताया कि हर साल जुलाई से अक्टूबर के दौरान ठियोग, कोटखाई, रोहड़ू, रामपुर और चौपाल जैसे प्रमुख सेब बेल्ट से हजारों की संख्या में ट्रक और छोटे मालवाहक वाहन चलते हैं। वाहनों की इस भारी आमद के कारण नेशनल हाईवे-५ (NH-5) और अन्य संपर्क मार्गों पर जाम की स्थिति बन जाती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए इन ३०० पुलिसकर्मियों को रणनीतिक रूप से चिन्हित जाम हॉटस्पॉट पर तैनात किया जाएगा।
ट्रैफिक प्लान के मुख्य बिंदु:
कंट्रोल रूम की स्थापना: यातायात की पल-पल की निगरानी के लिए ठियोग और नारकंडा में विशेष पुलिस नियंत्रण कक्ष स्थापित किए जा रहे हैं।
क्विक रिएक्शन टीमें: किसी भी वाहन के खराब होने या भूस्खलन की स्थिति में सड़क को तुरंत खाली कराने के लिए क्रेन के साथ क्विक रिएक्शन टीमें (QRT) चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी।
सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी: पुलिस संवेदनशील मोड़ों और प्रमुख सेब परिवहन चौकियों पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए यातायात की स्थिति पर नजर रखेगी।
पुलिस प्रशासन ने स्थानीय ट्रक यूनियनों और बागवानों से भी अपील की है कि वे निर्धारित लोडिंग पॉइंट पर ही गाड़ियां खड़ी करें ताकि आम जनता और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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