कौशाम्बी: सिराथू बाल विकास कार्यालय में विजिलेंस का छापा, 15 हजार रिश्वत लेते आंगनबाड़ी कार्यकत्री रंगे हाथ गिरफ्तार
सिराथू में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति पत्र दिलाने के नाम पर रिश्वत ले रही कार्यकत्री रीना देवी को 15 हजार रुपये लेते गिरफ्तार किया। सीडीपीओ पर भी साठगांठ का आरोप।
कौशाम्बी। उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले के सिराथू स्थित बाल विकास परियोजना कार्यालय (CDPO) में सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) प्रयागराज सेक्टर की टीम ने गुरुवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए घूसखोरी के एक खेल का पर्दाफाश किया है। विजिलेंस की ट्रैप टीम ने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने के एवज में 15,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकत्री रीना देवी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोखराज क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता ने आंगनबाड़ी सहायिका पद के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद नियुक्ति आदेश प्राप्त करने के लिए जब पीड़ित पक्ष ने कार्यालय का चक्कर लगाया, तो उनसे 35,000 रुपये की घूस मांगी गई। आरोप है कि बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) मनोज कुमार वर्मा से मिलने पर उन्होंने भी मामले को सुलझाने के लिए सीधे बात न करके आंगनबाड़ी कार्यकत्री रीना देवी से संपर्क करने की बात कही।
पीड़िता द्वारा काफी मिन्नतें करने पर रीना देवी ने 15,000 रुपये की पहली किस्त तुरंत देने और बाकी रकम बाद में देने का दबाव बनाया। घूस देने के बजाय पीड़िता ने इसकी शिकायत प्रयागराज विजिलेंस विभाग से की। विजिलेंस द्वारा कराई गई गोपनीय जांच में शिकायत की पुष्टि होने के बाद योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप टीम गठित की गई।
गुरुवार दोपहर जैसे ही पीड़ित पक्ष ने रासायनिक पाउडर लगे 15,000 रुपये रीना देवी को सौंपे, पास में ही मुस्तैद विजिलेंस टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। छापेमारी के दौरान बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) मनोज कुमार वर्मा कार्यालय से अचानक फरार हो गए। विजिलेंस टीम ने आरोपी कार्यकत्री रीना देवी और सीडीपीओ मनोज कुमार वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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