कानपुर में ट्रांसपोर्टरों और पुलिस के बीच सीधी बात: नो-एंट्री और पार्किंग समस्याओं पर बनी सहमति, नोडल अधिकारी की होगी नियुक्ति
कानपुर में पुलिस आयुक्त और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बीच गोष्ठी; जाम और पुलिसिया कार्रवाई की समस्याओं पर हुआ मंथन।
कानपुर: शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और परिवहन व्यवसायियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए किदवई नगर स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में एक महत्वपूर्ण 'संवाद गोष्ठी' का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कटारिया की अध्यक्षता और पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल की मुख्य उपस्थिति में हुई इस बैठक में पुलिस और ट्रांसपोर्टरों ने खुलकर विचार साझा किए।
ट्रांसपोर्टरों ने रखे प्रमुख सुझाव और मांगें: बैठक में परिवहन व्यवसायियों ने अपनी दैनिक चुनौतियों को साझा करते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे:
पार्किंग संकट: एन.टी.सी. के रिक्त भूभाग का उपयोग सार्वजनिक पार्किंग के रूप में करने का सुझाव दिया गया ताकि सड़कों पर लगने वाले जाम से निजात मिल सके।
धाराओं का दुरुपयोग: ट्रांसपोर्टरों ने 'नो-एंट्री' के नाम पर धारा 115/194 के तहत होने वाली कार्रवाई पर चिंता जताई और इसके दुरुपयोग पर अंकुश लगाने की मांग की।
नोडल अधिकारी: समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर एक विशेष नोडल अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव दिया गया।
सुरक्षा और पेट्रोलिंग: खराब मौसम को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ाने और यातायात सुदृणीकरण हेतु बड़ी क्रेन की व्यवस्था करने पर बल दिया गया।
पुलिस आयुक्त का आश्वासन: पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने साइबर क्राइम के प्रति जागरूकता का संदेश दिया और ट्रांसपोर्टरों को आश्वस्त किया कि उनकी जायज समस्याओं का तत्काल समाधान होगा। उन्होंने मातहतों को निर्देशित किया कि किसी भी शिकायत पर त्वरित एफआईआर दर्ज की जाए। गोष्ठी में पुलिस उपायुक्त (यातायात) रवींद्र कुमार और डीसीपी (दक्षिण) दीपेंद्र नाथ चौधरी ने भी व्यवस्था सुधार पर अपनी राय रखी।
इस अवसर पर संरक्षक अजय कपूर, के.सी. शर्मा, विमल शुक्ला और सैकड़ों की संख्या में परिवहन व्यवसायी उपस्थित रहे, जिन्होंने आपसी संवाद के इस प्रयास को सकारात्मक बताया।
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