अब मनरेगा की जगह मिलेंगे 125 दिन रोजगार और ₹300 दिहाड़ी, भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम
यूपी में 'वीबी जी राम जी' योजना लॉन्च; मनरेगा से अधिक मानदेय, 125 दिन रोजगार और 7 दिन में भुगतान की गारंटी
बदला ढांचा: 100 की जगह 125 दिन काम, ₹252 से बढ़कर ₹300 हुई मजदूरी
समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेशवासियों को इस नई योजना की बधाई दी। उन्होंने मनरेगा और इस नई योजना के बीच का अंतर स्पष्ट करते हुए बड़े बदलावों की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा के तहत श्रमिकों को साल में केवल 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, लेकिन अब 'जी राम जी' योजना के अंतर्गत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।
लीकेज और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
डिप्टी सीएम ने पिछली व्यवस्थाओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले मनरेगा में भारी लीकेज था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता था। 'वीबी जी राम जी' योजना में ऐसे कड़े तकनीकी और प्रशासनिक प्रावधान किए गए हैं जिससे लीकेज पूरी तरह बंद हो जाएगा और भ्रष्टाचार का खात्मा होगा। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अब हमारा संकल्प 'विकसित ग्राम सभा' बनाने का है।"
योजना के मुख्य उद्देश्य:
- ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों की वैधानिक मजदूरी और रोजगार की पक्की गारंटी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर टिकाऊ और उत्पादक परिसंपत्तियों का सृजन।
- प्राकृतिक संसाधनों (जल, भूमि, जंगल) का संरक्षण और संवर्धन।
- ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और कमजोर वर्गों की आर्थिक भागीदारी में बढ़ोतरी।
- गांवों से शहरों की ओर होने वाले पलायन को रोकना।
गरीबों को पक्की छत और जमीन का पट्टा
उत्तर प्रदेश को आवास और जल संरक्षण में नंबर वन बताते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश के 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि राज्य में एक भी कच्चा मकान नहीं रहने दिया जाएगा। यदि ग्राम सभा में कोई पात्र लाभार्थी शॉर्टलिस्ट होता है और उसके पास जमीन नहीं है, तो 'डबल इंजन' की सरकार उसे पट्टे के माध्यम से जमीन भी देगी और मकान भी बनवाएगी। वर्तमान में उत्तर प्रदेश 'अमृत सरोवर' बनाने और 'प्रधानमंत्री आवास' ग्रामीण के क्रियान्वयन में देश में प्रथम स्थान पर है। आने वाले समय में अमृत सरोवरों का निर्माण भी इसी योजना के तहत होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा।
श्रमिक से राजमिस्त्री बनेंगे गांव के युवा; बढ़ेगा निवेश
योजना के तहत केवल मजदूरी ही नहीं, बल्कि कौशल विकास (Skill Development) पर भी जोर दिया जाएगा। श्रमिकों को विशेष प्रशिक्षण देकर राजमिस्त्री या अन्य तकनीकी क्षेत्रों में अपग्रेड किया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उपमुख्यमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होने से उद्यमियों और व्यापारियों का भरोसा बढ़ा है। प्रदेश में पहले के मुकाबले कई गुना ज्यादा निवेश आ रहा है और टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण विकास और महिला स्वयं सहायता समूहों (दीदियों) को स्वावलंबी बनाने में मिल रहा है।
समारोह के अंत में उपमुख्यमंत्री द्वारा लाभार्थियों को प्रशंसा पत्र, स्वीकृति पत्र और नवनिर्मित आवासों की चाबियां सौंपी गईं। इस अवसर पर बीबीएस कॉलेज की छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
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