कुंडा में सामाजिक बदलाव की बयार: अधिवक्ता ने माँ की तेरहवीं पर मृत्युभोज का किया बहिष्कार, आयोजित की शोक-श्रद्धांजलि सभा
कुंडा के मीरपुर बनोही में अधिवक्ता अमरेश यादव ने माँ के निधन पर मृत्युभोज का बहिष्कार कर शोक सभा आयोजित की। डॉ. विजय ने सामाजिक कुरीतियों को त्यागने का आह्वान किया।
कुंडा-प्रतापगढ़। किसी की भी मृत्यु के पश्चात जब अंतिम संस्कार कर दिया जाता है, तो फिर के तेरवहीं संस्कार यानी मृत्यु भोज का आयोजन नहीं करना चाहिए, बल्कि इसका विरोध व बहिष्कार होना चाहिए। क्योंकि किसी की मृत्यु के पश्चात परिजनों की आंसुओं के बीच भोजन खाना व खिलाना न्याय व तर्क संगत नहीं है।
उक्त बातें ब्लॉक कुंडा की ग्राम पंचायत मीरपुर बनोही में पूर्व प्रधान अमरेश यादव एडवोकेट द्वारा अपनी मां के असामयिक व आकस्मिक निधन पर आयोजित 13वीं के स्थान पर आयोजित शोक श्रद्धांजलि सभा में बतौर मुख्य अतिथि मां ज्वाला मुखी देवी मंदिर ट्रस्ट मानिकपुर सचिव डॉ विजय यादव ने अपने संबोधन में मृतका चंद्रप्रभा के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उक्त उद्गार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने आगे कहा कि सामाजिक कुरीतियों हमारे लिए अभिशाप है। इनका पूरी तरह से परित्याग होना चाहिए। क्योंकि इससे धन व समय का दुरुपयोग होता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सामाजिक न्याय के परिवर्तन की लड़ाई लड़ रहे सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा से ही अंधविश्वास को हटाया जा सकता है। क्योंकि शिक्षा ही विकास की जननी है। सामाजिक कार्यकर्ता शिवकुमार कुशवाहा ने कहा कि मृत्यु भोज पर शत प्रतिशत अंकुश लगना चाहिए।
आचार्य किशोरी लाल यादव ने शांति हवन संपन्न कराया। संचालन अमरनाथ यादव ने किया, तथा श्रद्धांजलि सभा के संयोजक अमरेश कुमार यादव एडवोकेट ने सभी के प्रति धन्यवाद व आभार व्यक्त किया। इस मौके पर रामपुर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी वीरेंद्र कुमार वीरू पासी, प्रमोद राज पासी, पवन कुमार सरोज, संदीप सरोज, विक्रमाजीत यादव, मोहनलाल यादव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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