सुरक्षित गर्भसमापन और महिलाओं की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं: जिलाधिकारी ईशा प्रिया

जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में MTP एक्ट के प्रभावी अनुपालन पर बैठक आयोजित हुई। अधिकारियों को महिलाओं की गोपनीयता बनाए रखते हुए केवल अधिकृत केंद्रों पर सुरक्षित एवं वैधानिक गर्भसमापन सेवाएं देने के निर्देश दिए।

Sep 29, 2026 - 18:02
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सुरक्षित गर्भसमापन और महिलाओं की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं: जिलाधिकारी ईशा प्रिया

अम्बेडकरनगर (आनन्दी मेल संवाद) : कलेक्ट्रेट सभागार में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, 1971 और संशोधित नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में जिले में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और वैधानिक गर्भसमापन सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ महिलाओं की गोपनीयता और सुरक्षा को सख्ती से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती ज्योत्स्ना बंधु भी उपस्थित रहीं।

बैठक के दौरान डॉ. दिग्विजय सिंह ने MTP एक्ट और रूल्स के मुख्य कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि गर्भसमापन की सेवाएं केवल शासन द्वारा अधिकृत और स्वीकृत स्वास्थ्य केंद्रों पर ही निर्धारित नियमों के तहत दी जाएं। गर्भावस्था की अवधि के अनुसार पंजीकृत चिकित्सा चिकित्सकों (RMP) की अनिवार्य सम्मति ली जाए।

20 से 24 सप्ताह के लिए दो डॉक्टरों की राय अनिवार्य
बैठक में नियमों का ब्योरा देते हुए बताया गया कि 20 सप्ताह तक के गर्भसमापन के लिए एक पंजीकृत चिकित्सक (RMP) की राय आवश्यक है, जबकि विशेष परिस्थितियों में 20 से 24 सप्ताह के मामलों में दो RMP की राय ली जानी अनिवार्य है। अधिकारियों को इन वैधानिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए।

अभिलेखों का संधारण और गोपनीयता प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि MTP से संबंधित सभी रिकॉर्ड निर्धारित प्रपत्रों में पूरी तरह सुरक्षित रखे जाएं और संबंधित महिला की पहचान/गोपनीयता किसी भी हाल में उजागर न हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई अनधिकृत व्यक्ति या फर्जी संस्थान MTP सेवाएं प्रदान करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि असुरक्षित गर्भपात महिलाओं के स्वास्थ्य और जीवन के लिए बेहद जोखिम भरा है। इसलिए सभी ब्लॉक चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे सुरक्षित और वैधानिक सेवाएं ही उपलब्ध कराएं। इस बैठक में एसीएमओ डॉ. रामानंद, सीएमएस डॉ. पी.एन. यादव, जिला कार्यक्रम प्रबंधक कमलेश कुमार शर्मा, जिला परिवार नियोजन प्रबंधक सुनील वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक, बीएसए, डीपीओ सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।

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