UPRTOU कुलपति की बड़ी पहल: लोक सेवा आयोग से बात कर मुक्त विश्वविद्यालय बचाएगा एकल विषय के छात्रों का भविष्य
UPRTOU के कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने लोक सेवा आयोग द्वारा एकल विषय के छात्रों का अभ्यर्थन निरस्त होने पर समाधान का भरोसा दिया
छात्रों का भ्रम दूर करते हुए कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर एकल विषय को स्नातक के समकक्ष मान्यता देने से जुड़ी सार्वजनिक सूचना पहले ही जारी की जा चुकी है। इसके अलावा, कार्य परिषद के निर्णयानुसार सभी पात्र विद्यार्थियों को आवश्यक प्रमाण पत्र भी सौंपे गए हैं, ताकि वे अपनी पात्रता को सक्षम प्राधिकारी के सामने साबित कर सकें।
चार दशकों का लंबा शैक्षणिक अनुभव रखने वाले कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने इस बात पर चिंता जताई कि आज के आधुनिक दौर में भी समाज और कुछ संस्थाओं में दूरस्थ (Distance) शिक्षा को लेकर भ्रांतियां हैं।
"राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत दूरस्थ एवं ऑनलाइन शिक्षा को उच्च शिक्षा का एक बेहद महत्वपूर्ण और पूरी तरह से मान्यता प्राप्त माध्यम माना गया है। वैश्विक स्तर पर इस शिक्षा प्रणाली का महत्व लगातार बढ़ रहा है।"
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग से इस विषय पर औपचारिक पत्राचार और संवाद करेंगे। आयोग को एकल विषय पाठ्यक्रम की वैधानिक स्थिति और उसकी सरकारी मान्यताओं से अवगत कराया जाएगा। कुलपति के इस ठोस और संवेदनशील आश्वासन के बाद आंदोलन की राह पर चल रहे छात्रों का गुस्सा शांत हुआ और परिसर में संतोष का माहौल देखा गया।
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