शिमला: गुमशुदा मामलों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से होगा पालन
शिमला के डीसी अनुपम कश्यप ने गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों में सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
शिमला (हिमाचल प्रदेश ): हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गुमशुदा व्यक्तियों (Missing Persons) की बढ़ती मामलों की समीक्षा और उनके त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शिमला के उपायुक्त (DC) अनुपम कश्यप ने एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जिले के सभी पुलिस अधिकारियों, उपमंडलीय मजिस्ट्रेटों (SDM) और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लापता व्यक्तियों के मामलों में भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों (Guidelines) का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा और गरिमा सर्वोपरि है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या पुलिसिया ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीसी अनुपम कश्यप ने सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए पुलिस विभाग को विशेष हिदायत दी कि किसी भी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लापता होने की सूचना मिलने पर तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जानी चाहिए।
- तुरंत कार्रवाई: शिकायत मिलने के बाद "प्रारंभिक जांच" के नाम पर समय बर्बाद करने के बजाय तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच टीमें गठित की जाएं।
- अन्तर्राज्यीय समन्वय: लापता व्यक्तियों के दूसरे राज्यों में चले जाने की आशंका को देखते हुए पड़ोसी राज्यों की पुलिस और नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के साथ रियल-टाइम डेटा साझा किया जाए।
- संवेदनशीलता: पीड़ित परिवारों के साथ संवेदनशीलता से पेश आया जाए और उन्हें जांच की प्रगति से नियमित रूप से अवगत कराया जाए।
"सुप्रीम कोर्ट के नियम स्पष्ट हैं कि गुमशुदगी की रिपोर्ट को हल्के में नहीं लिया जा सकता। यदि किसी भी थाना क्षेत्र में प्रक्रियात्मक देरी या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।" - अनुपम कश्यप, उपायुक्त, शिमला
सीसीटीवी नेटवर्क और सोशल मीडिया का लिया जाएगा सहारा
बैठक में निर्णय लिया गया कि लापता लोगों की तलाश के लिए आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया जाएगा। शिमला शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख चौराहों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को तुरंत खंगाला जाएगा। इसके साथ ही, जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स और स्थानीय मीडिया के माध्यम से भी सूचनाओं का तेजी से प्रसार किया जाएगा। डीसी ने पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय पार्षदों से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नए व्यक्ति के आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) शिमला, अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) सहित सभी उपमंडलों के पुलिस उपाधीक्षक (DSP) मौजूद रहे।
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