हिमाचल प्रदेश: कुल्लू में भारी बारिश से उफान पर नदियां, पुलगा डैम से छोड़ा पानी

हिमाचल के कुल्लू में मूसलाधार बारिश से उफान पर नदियां; NHPC ने बांध से छोड़ा पानी, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट।

Jul 11, 2026 - 17:33
Updated: 2 hours ago
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हिमाचल प्रदेश: कुल्लू में भारी बारिश से उफान पर नदियां, पुलगा डैम से छोड़ा पानी

कुल्लू (हिमाचल प्रदेश ): हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही कुल्लू जिले में आफत की बारिश शुरू हो गई है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जिले की प्रमुख नदियां और बरसाती नाले (nullahs) खतरे के निशान के करीब पहुंच गए हैं. बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे कुल्लू क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी किया है.

इसके साथ ही पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों, झरनों और भूस्खलन संभावित (landslide-prone) पहाड़ी रास्तों से पूरी तरह दूर रहने की हिदायत दी गई है.  मौसम विभाग (IMD) ने कुल्लू सहित राज्य के कई अन्य जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे आने वाले दिनों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.  पुलगा बांध से सिल्ट फ्लशिंग शुरू; उग्र हुईं पहाड़ी नदियांनदियों का जलस्तर बढ़ने का एक बड़ा कारण जलविद्युत परियोजनाओं से अतिरिक्त पानी का छोड़ा जाना भी है.

एनएचपीसी (NHPC) पारबती-II पावर स्टेशन प्रबंधन ने पुलगा डैम के रेडियल गेट्स खोलकर पानी का डिस्चार्ज बढ़ा दिया है, जिससे पारबती नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ गया है.  बांध से पानी छोड़े जाने के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के मुख्य बिंदु:सिल्ट फ्लशिंग: बांध में जमा गाद (सिल्ट) को साफ करने के लिए अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़ा गया है.नदी का बहाव: बांध के निचले इलाकों (downstream) में पारबती और ब्यास नदी का बहाव लगभग 225 क्यूमेक्स तक पहुंच गया है.  

सायरन से अलर्ट: नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सचेत करने के लिए हूटर और सायरन बजाए जा रहे हैं.  "गड़सा नाला और सैंज घाटी का पागल नाला इस समय उफान पर हैं, जिससे कई संपर्क मार्ग बाधित हुए हैं। पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।" - रोहित शर्मा, जिला पर्यटन अधिकारी, कुल्लू  50 से अधिक सड़कें बंद; प्रशासन मुस्तैदराज्य आपातकालीन संचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार, भारी बारिश और मलबे के कारण कुल्लू उपमंडल की लगभग 51 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह अवरुद्ध हो गई हैं.

कई इलाकों में बिजली के ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से बत्ती गुल है. स्थानीय प्रशासन ने होटल मालिकों, होमस्टे ऑपरेटरों और टैक्सी चालकों से अनुरोध किया है कि वे बाहरी राज्यों से आने वाले सैलानियों को नदियों के किनारे न जाने की सख्त सलाह दें. आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।

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