यूपी में मानसून की भारी तबाही, सीएम योगी का आदेश- 24 घंटे में दें मुआवजा

उत्तर प्रदेश में भारी मानसून से तबाही; सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मुआवजा और राहत देने के सख्त निर्देश दिए।

Jul 11, 2026 - 17:58
Updated: 2 hours ago
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यूपी में मानसून की भारी तबाही, सीएम योगी का आदेश- 24 घंटे में दें मुआवजा

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए मानसून ने राज्य के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। पिछले 48 घंटों में राज्य के विभिन्न जिलों में मूसलाधार बारिश, आकाशीय बिजली गिरने (लाइटनिंग स्ट्राइक) और दीवार ढहने की घटनाओं में कई लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इस प्राकृतिक आपदा का कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों (DM) को सख्त आदेश दिया है कि आपदा से प्रभावित परिवारों और मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर राहत मुआवजा राशि वितरित की जाए।  सीएम योगी ने स्पष्ट किया है कि संकट की इस घड़ी में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  नजीबाबाद में दर्ज हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश; कई जिलों में स्कूल बंदमौसम विभाग (IMD) के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई के इलाकों में मानसून सबसे ज्यादा आक्रामक रूप में है।

रिकॉर्ड बारिश: बिजनौर के नजीबाबाद में 24 घंटे के भीतर 306 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1952 के बाद से अब तक की तीसरी सबसे बड़ी रिकॉर्ड बारिश है। इसके अलावा एटा में 222 मिमी और संभल में 204 मिमी बारिश हुई है।  स्कूलों में छुट्टी: सुरक्षा के लिहाज से मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, मुजफ्फरनगर, बिजनौर और सहारनपुर सहित कई जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं।  

प्रमुख मौतें: आपदा के कारण सबसे ज्यादा मौतें गोरखपुर-बस्ती मंडल में आकाशीय बिजली गिरने से और बुलंदशहर में दीवार गिरने से हुई हैं।"सभी संबंधित जिलों के अधिकारी तुरंत ग्राउंड जीरो (फील्ड) पर जाएं और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करें। प्रभावित लोगों को तत्काल राहत शिविरों, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। घायलों के मुफ्त और बेहतर इलाज में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।" - योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्रीजलभराव से शहरों में बाढ़ जैसे हालात; नदियां उफान परलगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के कई प्रमुख शहरों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है और सड़कें दरिया में तब्दील हो चुकी हैं।

प्रयागराज और Terai क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके कारण तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (Relief Commissioner Office) स्थिति की निरंतर निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ (NDRF) व एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात रहने के लिए कहा गया है। मौसम विभाग ने आने वाले 24 से 48 घंटों के लिए 17 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' और कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी बरकरार रखी है।

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