हिमाचल में आपदाओं से निपटने के लिए ₹3,500 करोड़ से बनेगा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर

हिमाचल प्रदेश में ₹3,500 करोड़ की लागत से बनेगा आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दी जानकारी।

Jul 11, 2026 - 17:14
Updated: 1 hour ago
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हिमाचल में आपदाओं से निपटने के लिए ₹3,500 करोड़ से बनेगा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर

शिमला (हिमाचल प्रदेश) : हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य को भविष्य की प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक विकास परियोजना की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते खतरों और भूस्खलन, बाढ़ व भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए ₹3,500 करोड़ की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक आपदा प्रतिरोधी बुनियादी ढांचा (Disaster Resilience Infrastructure) विकसित किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों, पुलों, भवनों और जल प्रणालियों को इस तरह डिजाइन और अपग्रेड किया जाएगा कि वे भारी बारिश और अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के थपेड़ों को आसानी से झेल सकें।

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में बताया कि इस विशाल परियोजना के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा एशियाई विकास बैंक (ADB) और विश्व बैंक (World Bank) जैसी अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से जुटाया जाएगा।

इस वृहद कार्ययोजना के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • कमजोर कड़ियों की पहचान: राज्य के सभी संवेदनशील और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (लैंडस्लाइड प्रोन ज़ोन) की मैपिंग की जा रही है।
  • आधुनिक पुलों का निर्माण: नदियों के ऊपर बनने वाले सभी नए पुलों की ऊंचाई और मजबूती को आधुनिक मापदंडों के अनुसार दोगुना किया जाएगा।
  • अर्ली वार्निंग सिस्टम: मौसम की सटीक और त्वरित जानकारी के लिए पूरे प्रदेश में उन्नत पूर्व चेतावनी प्रणालियां स्थापित की जाएंगी।

"पिछले वर्षों में आई आपदाओं ने हमें यह सिखाया है कि हमें पारंपरिक निर्माण से हटकर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। यह ₹3,500 करोड़ का निवेश हिमाचल के सुरक्षित कल की गारंटी बनेगा।" - ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू, मुख्यमंत्री

इस व्यापक बुनियादी ढांचा परियोजना के तहत ब्यास, रावी और सतलुज जैसी प्रमुख नदियों के किनारे बस्तियों को सुरक्षित करने के लिए मजबूत तटबंध (फ्लड प्रोटेक्शन वॉल) बनाए जाएंगे। साथ ही, राष्ट्रीय राजमार्गों और लिंक रोड के किनारे जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) को मजबूत किया जाएगा ताकि बारिश का पानी सड़कों को नुकसान न पहुंचा सके।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे इस परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) को समयबद्ध तरीके से पूरा करें, ताकि निर्माण कार्य को जल्द से जल्द गति दी जा सके। इस बैठक में मुख्य सचिव, राजस्व सचिव और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता भी उपस्थित रहे।

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