कसोल रेव पार्टी मामला: जनहित याचिकाकर्ता को मिली धमकी, मांगी पुलिस सुरक्षा
कसोल रेव पार्टी मामले के जनहित याचिकाकर्ता ने धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की।
कसोल : हिमाचल प्रदेश के मिनी इजरायल कहे जाने वाले कसोल में ड्रग्स और अवैध रेव पार्टियों (Rave Parties) के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले एक जनहित याचिकाकर्ता (PIL Petitioner) ने अपनी जान को गंभीर खतरा बताया है। याचिकाकर्ता ने औपचारिक रूप से पुलिस महानिदेशक (DGP) और जिला प्रशासन से तत्काल प्रभाव से पुलिस सुरक्षा (Police Protection) प्रदान करने की गुहार लगाई है।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि जब से उन्होंने हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में कसोल और मणिकरण घाटी में चल रहे अवैध नशा कारोबार के खिलाफ जनहित याचिका दायर की है, तब से उन्हें लगातार अज्ञात नंबरों से जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।
याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में कहा है कि कसोल की रेव पार्टियों के पीछे एक बहुत बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया और रसूखदार स्थानीय आयोजक सक्रिय हैं।
धमकी का तरीका: याचिकाकर्ता को फोन पर और सोशल मीडिया के जरिए कोर्ट से केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है।
असुरक्षा का माहौल : याचिकाकर्ता के अनुसार, कुछ संदिग्ध लोग उनके घर और दफ्तर के आसपास रेकी (निगरानी) करते हुए भी देखे गए हैं, जिससे उनका पूरा परिवार अत्यधिक खौफ के साए में जीने को मजबूर है।
"नशे के काले कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने की मुझे यह सजा मिल रही है। अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ भी होता है, तो इसके लिए वह ड्रग माफिया जिम्मेदार होगा जिसके खिलाफ मैंने कोर्ट में सबूत पेश किए हैं।" - जनहित याचिकाकर्ता (नाम गोपनीय)
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कुल्लू पुलिस तुरंत एक्शन मोड में आ गई है। पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि याचिकाकर्ता की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है। साइबर सेल की मदद से उन सभी फोन नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और आईपी एड्रेस खंगाले जा रहे हैं, जिनसे धमकियां दी गई थीं। पुलिस ने याचिकाकर्ता के आवास के आसपास गश्त बढ़ा दी है और मामले की रिपोर्ट उच्च न्यायालय को भी सौंपने की बात कही है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)