दान उत्सव में कुलभास्कर कॉलेज की पहल, बालिका गृह की बेटियों को बांटा जरूरत का सामान
दान उत्सव के तहत कुलभास्कर आश्रम पी.जी. कॉलेज परिवार ने बाल-भवन के बालिका गृह में खाद्य सामग्री, स्टेशनरी और रोजमर्रा की जरूरत की चीजें बांटकर बेटियों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी।
प्रयागराज। सेवा और संवेदना की भावना को जमीन पर उतारते हुए कुलभास्कर आश्रम पी.जी. कॉलेज ने दान उत्सव (2 से 8 अक्टूबर) के अंतर्गत एक प्रेरक पहल की। महाविद्यालय परिवार ने बाल-भवन, प्रयागराज स्थित आवासीय बालिका गृह केंद्र पहुंचकर वहां रह रही बालिकाओं को जरूरत की सामग्री भेंट की। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के संरक्षक चौ. राघवेन्द्र नाथ सिंह और प्राचार्य प्रो. गीतांजलि मौर्य के मार्गदर्शन में हुआ।
इस अवसर पर प्राचार्य, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के आपसी सहयोग से जो धनराशि एकत्र की गई थी, उससे खरीदी गई सामग्री बालिकाओं में वितरित की गई। इसमें खाद्य सामग्री, स्टेशनरी, कॉपी-किताबें, पेन-पेंसिल के साथ दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं शामिल रहीं। उपहार पाकर बालिकाओं में खासा उत्साह दिखा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो. गीतांजलि मौर्य ने कहा कि सेवा ही धर्म है और श्रम ही पूजा है। उन्होंने बताया कि दान उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवेदनशीलता जगाना और समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा दान ही सबसे बड़ा दान है।
बालिका गृह की अधीक्षिका ने महाविद्यालय परिवार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बालिकाओं का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें यह एहसास कराते हैं कि समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भूमिका विशेष रही। उन्होंने सामग्री के वितरण और व्यवस्था में सक्रिय सहयोग दिया। दान उत्सव की कार्यक्रम अधिकारी प्रो. श्रद्धा तिवारी ने प्राचार्य सहित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं का उनके योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
आयोजन के अंत में जब बालिकाओं के चेहरे मुस्कान से खिल उठे, तो वह पल पूरे कार्यक्रम की सार्थकता का सबसे सुंदर प्रमाण बन गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही समाज में बड़े बदलाव की नींव रखते हैं।
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