कौशाम्बी में जल जीवन मिशन की सुस्त रफ्तार पर भड़के डीएम; जेएमसी और बाबा जी.ए. इंफ्रा समेत टीपीआई पर गिरेगी गाज

कौशाम्बी में जल जीवन मिशन और सड़क परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान डीएम ने लापरवाही बरतने वाली कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए

Jul 02, 2026 - 21:23
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कौशाम्बी में जल जीवन मिशन की सुस्त रफ्तार पर भड़के डीएम; जेएमसी और बाबा जी.ए. इंफ्रा समेत टीपीआई पर गिरेगी गाज

कौशाम्बी। जनपद में विकास कार्यों की कछुआ चाल और प्रशासनिक शिथिलता पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित उदयन सभागार में जल निगम, सिंचाई और नलकूप विभाग की मैराथन समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी (डीएम) डॉ. अमित पाल ने लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्थाओं और मॉनिटरिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

जल जीवन मिशन (हर घर जल योजना) की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने ओवरहेड टैंक निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और घरेलू कनेक्शन देने की धीमी प्रगति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने पाया कि जेएमसी (JMC) और बाबा जी.ए. इंफ्रा जैसी बड़ी कार्यदायी संस्थाओं का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं है।

डीएम ने अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देशित किया कि इन कंपनियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर नियमानुसार भारी जुर्माना लगाया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन (TPI) एजेंसी ने अपनी निगरानी में ढिलाई बरती है, तो उसके खिलाफ भी तत्काल एक्शन लिया जाए। परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए मौके पर अतिरिक्त लेबर लगाने के आदेश दिए गए हैं।

पाइपलाइन डालने के चक्कर में शहर और ग्रामीण इलाकों में क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को लेकर आम जनता की बढ़ती परेशानियों पर डीएम बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा:

"जिन गांवों में पानी की सप्लाई शुरू हो चुकी है, वहां की सड़कों की शत-प्रतिशत मरम्मत का काम तुरंत पूरा होना चाहिए। जहां अभी काम चल रहा है, वहां सड़कों को तत्काल 'मोटरेबल' (चलने योग्य) बनाया जाए ताकि राहगीरों को कोई असुविधा न हो।"

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सिंचाई विभाग की समीक्षा की गई। डीएम ने अधिशासी अभियंता को कड़े निर्देश दिए कि टेल (अंतिम छोर) तक पानी पहुंचाने के लिए नहरों का संचालन हर हाल में तय रोस्टर के अनुसार ही किया जाए। इस व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनोद राम त्रिपाठी को सौंपी गई है, जो औचक निरीक्षण कर सत्यापन करेंगे। वहीं, तकनीकी या बिजली की खराबी के कारण बंद पड़े सरकारी नलकूपों को मिशन मोड में ठीक कराकर चालू करने को कहा गया है।

जल निगम के अधिशासी अभियंता ने बैठक में बताया कि जिले के लिए स्वीकृत कुल 275 पेयजल परियोजनाओं में से 211 का काम पूरा कर लिया गया है, और शेष 64 परियोजनाओं को भी जल्द ही अमलीजामा पहना दिया जाएगा।

बैठक के अंतिम चरण में डीएम ने अति-महत्वपूर्ण 'प्रयागराज एयरपोर्ट-कौशाम्बी मार्ग' और 'रामवन गमन मार्ग' के निर्माण कार्य की प्रगति जांची। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सभी अड़चनों को आपसी समन्वय से जल्द से जल्द सुलझाने का निर्देश दिया। डीएम ने दो टूक कहा कि इन दोनों ही महत्वाकांक्षी मार्गों के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और इन्हें तय समय सीमा के भीतर ही पूरा करना होगा।

इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित विकास कार्यों से जुड़े तमाम विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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