कौशाम्बी: जलभराव से सड़क बनी तालाब, ग्रामीणों ने दी विधानसभा चुनाव बहिष्कार की चेतावनी
कौशाम्बी के मधवामई गांव में जलभराव से सड़क तालाब बनी; नाराज ग्रामीणों ने दी 2027 चुनाव बहिष्कार की चेतावनी।
कौशाम्बी: उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले से विकास के दावों की पोल खोलती एक हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। सिराथू विकास खंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम मधवामई की मुख्य सड़क लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गई है। सड़क पर करीब दो से तीन फीट तक पानी भर जाने की वजह से स्कूली बच्चों, महिलाओं और स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यह गांव उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद क्षेत्र से महज एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी वर्षों से इस सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल मानसून के समय यह सड़क किसी बड़े तालाब का रूप ले लेती है। जल निकासी (ड्रेनेज सिस्टम) की कोई व्यवस्था न होने के कारण बारिश का गंदा पानी हफ्तों तक सड़क पर जमा रहता है।
"हमारे बच्चों को घुटने भर गंदे पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार बच्चे और बुजुर्ग इस कीचड़ भरे पानी में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। ग्रामीणों का दैनिक रोजगार और आवश्यक आवाजाही भी इस जलभराव के कारण पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।" - स्थानीय ग्रामीण, मधवामई
ग्रामीणों ने रोष जताते हुए आरोप लगाया कि वे इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिलाधिकारी (DM), क्षेत्रीय विधायक और सांसद तक से कई बार लिखित व मौखिक शिकायत कर चुके हैं। हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले, धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन के इस ढुलमुल रवैए से नाराज ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस सड़क का पक्का निर्माण और जल निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई, तो पूरा गांव चुनाव का पूर्ण बहिष्कार करेगा और किसी भी राजनीतिक दल के प्रत्याशी को गांव के भीतर पैर नहीं रखने दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से अविलंब राहत कार्य शुरू कराने की मांग की है।
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