अम्बेडकरनगर में रोवर (GNSS) तकनीक से हुआ भूमि सीमांकन, राजस्व कार्यों में आई सटीकता और पारदर्शिता
अम्बेडकरनगर में रोवर तकनीक से भूमि सीमांकन शुरू, अकबरपुर के जौहरडीह में राजस्व विवादों का हुआ सटीक निस्तारण।
आनन्दी मेल संवाददाता
अम्बेडकरनगर : जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया के निर्देशों के क्रम में जिले में भूमि सीमांकन की प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक से जोड़कर और अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में तहसील अकबरपुर के ग्राम जौहरडीह मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-24 के तहत लंबित एक सीमा विवाद का निपटारा रोवर (GNSS) तकनीक की मदद से सफलतापूर्वक किया गया।
मौके पर अधिकारियों की मौजूदगी में सीमांकन
- ग्राम जौहरडीह स्थित गाटा संख्या-444 के विवादित स्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने स्वयं पहुंचकर पैमाइश कराई:
- उपस्थिति: जॉइंट मजिस्ट्रेट (प्रशिक्षु आईएएस) श्री थनिगईयरसन टी, नायब तहसीलदार अकबरपुर और संबंधित पक्षकार मौके पर मौजूद रहे।
- तकनीकी टीम: क्षेत्रीय लेखपाल और प्रशिक्षित राजस्व कर्मियों ने वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग करते हुए भूमि का सटीक सीमांकन पूरा कराया।
- रोवर तकनीक के प्रमुख लाभ
जॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी अकबरपुर श्रीमती प्रतीक्षा सिंह ने बताया कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में डिजिटल और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग राजस्व विभाग के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है:
सटीकता और निष्पक्षता: रोवर (GNSS) तकनीक से ज़मीन के अक्षांश और देशांतर (GPS Coordinates) के आधार पर पैमाइश होती है, जिससे त्रुटि की गुंजाइश न के बराबर रहती है।
विवादों में कमी: इस पारदर्शी प्रक्रिया से अनावश्यक आपत्तियों और भू-विवादों पर विराम लगेगा तथा मुकदमों का निस्तारण तेजी से हो सकेगा।
पैमाइश के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और राजस्व कर्मियों को रोवर तकनीक के संचालन तथा इसके दूरगामी फायदों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
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