राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में डिजिटल क्रांति: अब 24×7 उपलब्ध होंगे ई-संसाधन, कुलपति ने की घोषणा
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी हुई डिजिटल; ई-बुक्स और जर्नल्स तक 24×7 पहुँच, कुलपति प्रो. सत्यकाम ने किया शुभारंभ।
प्रयागराज (आनंदी मेल ब्यूरो): उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (UPRTOU) ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपने केंद्रीय पुस्तकालय को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब विश्वविद्यालय के छात्र और शोधार्थी ई-बुक्स, ई-जर्नल्स और शोध प्रबंधों जैसे विशाल ज्ञान भंडार का लाभ कहीं भी और कभी भी उठा सकेंगे।
कुलपति ने किया डिजिटल पोर्टल का अनावरण
सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में आयोजित एक विशेष प्रस्तुति कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने इस डिजिटल लाइब्रेरी की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के 100 से अधिक शोध छात्रों के लिए यह सुविधा मील का पत्थर साबित होगी। डिजिटल लाइब्रेरी पोर्टल के माध्यम से इन संसाधनों तक 24×7 पहुँच सुनिश्चित की गई है।
वैश्विक प्लेटफार्म्स से जुड़ा विश्वविद्यालय
प्रो. सत्यकाम ने जोर देकर कहा कि लाइब्रेरी के डिजिटल होने से अब विद्यार्थी शोध गंगा, ई-पीजी पाठशाला, NDLI, DOAJ और इन्फ्लिबनेट जैसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रभावी उपयोग कर सकेंगे। उन्होंने कहा, "डिजिटल लाइब्रेरी से न केवल शोध कार्य में समय की बचत होगी, बल्कि जानकारी की सटीकता और शोध की गुणवत्ता में भी व्यापक सुधार होगा।"
कार्यशाला में हुआ जिज्ञासाओं का समाधान
कार्यक्रम के दौरान 'नॉटनल' के प्रतिनिधियों ने छात्रों और शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों के उपयोग के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। उप पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. राम जन्म मौर्य ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य शैक्षणिक विकास में आधुनिक सूचना संसाधनों के महत्व को रेखांकित करना है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इस कदम को विश्वविद्यालय के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव बताया।
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