कानपुर में 'वंचित समाज लोक कल्याण महासमिति' का राष्ट्रीय महासम्मेलन संपन्न
कानपुर में वंचित समाज लोक कल्याण महासमिति ने राष्ट्रीय महासम्मेलन आयोजित किया, जिसमें प्रमुख राजनेताओं और सामाजिक नेताओं ने भाग लिया।

कानपुर:'वंचित समाज लोक कल्याण महासमिति' (राष्ट्रीय संगठन) द्वारा एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सामाजिक भागीदारी महासम्मेलन का आयोजन कानपुर के शहनाई गेस्ट हाउस में किया गया, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाना और उनके अधिकारों व विकास के लिए सामूहिक प्रयास करना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन भाजप के क्षेत्रीय अध्यक्ष (कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र) श्री प्रकाश पाल ने दीप प्रज्वलित कर और महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण करके किया। उन्होंने अपने संबोधन में वंचित वर्गों के उत्थान के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला और इस तरह के सामाजिक सम्मेलनों की सराहना की, जो समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाते हैं।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि सांसद रमेश अवस्थी ने वंचित समाज की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक मजबूत और समावेशी राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग सशक्त हो और उसे समान अवसर मिलें। अतिविशिष्ट अतिथि और मुख्य वक्ता डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, जो अंबेडकर महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य भी हैं, ने सामाजिक न्याय और समानता के मुद्दों पर गहन विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि किस प्रकार संविधान में दिए गए अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर, विधायक सलिल विश्नोई, विधायक अरुण पाठक, विधायक सुरेंद्र मैथानी, पूर्व प्रत्याशी सुरेश अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित सहित कई गणमान्य व्यक्ति मंच पर उपस्थित रहे। इन सभी नेताओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए वंचित समाज के कल्याण के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया।
इस महासम्मेलन के दौरान, समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में अश्वनी पासवान, राजा मधुपिया, बच्ची लाल भाई, आजाद भारती, विनय सेन, चंदन बाल्मीकि, विनोद कुमार, अजीत यादव, विराट सोनकर, ज्ञान शंकर हवेलकर, अरविंद खन्ना, गोपाल भारतीय, सुनील चौधरी, अशर्फी लाल रक्सेल, बउवा बाल्मीकि, बिंदा बक्शी, भोला हजारिया, पन्ना लाल, पियांशु चौधरी, राजू बाल्मीकि, पूनम बाल्मीकि, सौरभ बाल्मीकि, विकास नाहर, मनोज वैश्य, मंगल कुमार, ज्ञान प्रकाश, अजय और संजय कटारिया शामिल थे। इन सभी ने अपने क्षेत्रों में वंचित समाज के लिए काम किया है, जिससे दूसरों को प्रेरणा मिली है।
इस आयोजन में लगभग 500 लोगों की उपस्थिति ने यह दर्शाया कि समाज के सभी वर्गों में सामाजिक न्याय और समानता की भावना कितनी मजबूत है। यह सम्मेलन न केवल एक मंच था, बल्कि यह समाज के वंचित वर्गों के प्रति एकजुटता और प्रतिबद्धता का एक प्रतीक भी था। इस तरह के आयोजनों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाया जा सकता है।
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