'वसुधैव कुटुंबकम' और 'विश्व शांति' के संकल्प के साथ जुटे सहकारिता क्षेत्र के दिग्गज

इफको घियानगर के श्रीराम मंदिर में विश्व शांति और वसुधैव कुटुंबकम के संकल्प के साथ भव्य सुंदरकांड पाठ आयोजित।

Jun 13, 2026 - 21:47
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'वसुधैव कुटुंबकम' और 'विश्व शांति' के संकल्प के साथ जुटे सहकारिता क्षेत्र के दिग्गज

प्रयागराज। वैश्विक कल्याण, 'वसुधैव कुटुंबकम' की पवित्र भावना और विश्व शांति के पावन संकल्प को लेकर इफको घियानगर स्थित श्री राम मंदिर परिसर में एक भव्य एवं दिव्य सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। भक्तिमय माहौल में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में सहकारिता क्षेत्र के कई शीर्ष पदाधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय निवासियों ने सामूहिक रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में 'कोरडेट' (CORDET) फूलपुर के अध्यक्ष, इफको के निदेशक एवं यू.पी. पी.सी.एफ. के सभापति बाल्मीकि त्रिपाठी उपस्थित रहे। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड (PCF) लखनऊ के प्रबंध निदेशक (MD) डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी (IAS) ने शिरकत की। इन शीर्ष नेतृत्वकर्ताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।

सुंदरकांड पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर 'जय श्री राम' के उद्घोष और संगीतमय चौपाइयों से गुंजायमान रहा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड लखनऊ के निदेशक मंडल के सम्मानित सदस्यगण—पुरुषोत्तम पांडेय, आनंद किशोर द्विवेदी, अनुराग पांडे, विनोद जैन और फूलपुर के अध्यक्ष अमरनाथ यादव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने भगवान श्री राम और संकटमोचन हनुमान जी की आरती उतारकर देश और दुनिया की सुख-समृद्धि की कामना की।

धार्मिक अनुष्ठान में पीसीएफ प्रयागराज के क्षेत्रीय प्रबंधक बृजेश कुमार, इफको फूलपुर के इकाई प्रमुख पी.के. सिंह, शंभू शेखर, कोरडेट आंवला (बरेली) के इंचार्ज डॉ. अरविंद कुमार, बी.पी. सिंह उर्फ मुन्ना और आर.के. गुप्ता ने भी अपनी सहभागिता निभाई। कोरडेट फूलपुर की पूरी टीम और घियानगर के संभ्रांत नागरिकों तथा मातृशक्ति ने इस पाठ में तन्मयता से भाग लिया।

कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि बाल्मीकि त्रिपाठी ने कहा कि सुंदरकांड का पाठ हमें न केवल मानसिक शांति प्रदान करता है, बल्कि समाज में एकता, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। वर्तमान समय में जब पूरे विश्व को शांति की आवश्यकता है, ऐसे आध्यात्मिक आयोजन अत्यंत प्रासंगिक हो जाते हैं। पाठ की समाप्ति के बाद सभी उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

(जैनुल आब्दीन)

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